scriptAjmer910: : Foods, procesion and culture famous in tate | Ajmer@910: मशहूर है खान-पान और मेले, ठाठ से निकलते जुलूस | Patrika News

[email protected]: मशहूर है खान-पान और मेले, ठाठ से निकलते जुलूस

पुरानी पीढ़ी जहां इसका स्वरूप बदलता देख रही है, वहीं नयी पीढ़ी इसकी सूरत को और निखार रही है।

अजमेर

Published: March 27, 2022 05:54:16 pm

अजमेर. राजस्थान का हृदय स्थल अजमेर प्राकृतिक सुंदरता, सर्वपंथ समभाव, खान-पान और तीज-त्योहारों के लिए मशहूर है। सदियों से यह विभिन्न संस्कृतियों का संगम रहा है। वक्त के साथ कदम मिला महानगर बनने की ओर बढ़ रहा है। पुरानी पीढ़ी जहां इसका स्वरूप बदलता देख रही है, वहीं नयी पीढ़ी इसकी सूरत को और निखार रही है।
Ajmer 910 Foundation day
Ajmer 910 Foundation day
1113 में जन्मा, अजयपाल थे जनक . .

विविध इतिहासकारों के मतानुसार विक्रम संवत 1170 चैत्र प्रतिपदा पर अर्थात सन् 1113 के लगभग अजयपाल या अजयराज चौहान ने अजयमेरू नगर की स्थापना कर अपनी राजधानी बनायी। कर्नल टाॅड ने भी राजा अजयराज को अजयमेरू दुर्ग का निर्माता माना, जिसे गढ़ बीठली और अब तारागढ़ के नाम से पहचाना जाता है। अजयमेरू से अजमेर बने शहर की पौराणिक एवं ऐतिहासिक विरासत अद्भुत रही है।
नाटकों की जननी, संस्कृत की पाठशाला

राजस्थान में संस्कृत नाटकों का उद्भव अजमेर में ही हुआ। जयानक के बांधव और चौहान नरेश विग्रहराज चतुर्थ स्वयं भी कवि थे। उनके काल में 1153 ईस्वी के आस-पास सरस्वती मंदिर नामक संस्कृत पाठशाला (अब अढ़ाई दिन का झौंपड़ा) बनवाई। कालांतर में कुतुबुद्दीन ऐबक के समय इसे मस्जिद का रूप दिया गया। यहां काले रंग के शिलालेख पर स्वयं विग्रहराज रचित हरकेल व राजकवि सोमदेव रचित ललित विग्रहराज नामक दो महत्वपूर्ण संस्कृत नाटक उत्कीर्ण कराए गए थे। चार शिलालेखों की खोज 1875-76 में हुई, जिन्हें अजमेर संग्रहालय में सुरक्षित रखा गया।
वेदमंत्रों का नगर

सम्राट पृथ्वीराज चौहान भी संस्कृत, प्राकृत, अपभ्रंश सहित छह भाषाओं के ज्ञाता तथा गणित, वाणिज्य के साथ संगीत, चित्रकला और कविता में पारंगत थे। उनके कार्यकाल में विद्वानों का शास्त्रार्थ होता था। पृथ्वीराज विजय के अनुसार पृथ्वीराज रोज प्रातः नगरखाने में शहनाई की ध्वनि के साथ उठकर सर्वप्रथम कपिला गाय के दर्शन कर प्रणाम किया करते थे। प्रातःकालीन वेला में अजमेर की गलियों में वेदमंत्र गूंजते थे। प्रत्येक घर में यज्ञशाला व अग्निहोत्र होता था। पृथ्वीराज की सभा में कवि चन्दबरदाई के अलावा कश्मीर के जयानक और विद्यापति गौड़, जनार्दन, विश्वरूप और बागेश्वर जैसे विद्वान भी थे। चन्दबरदाई ने पृथ्वीराज रासो और कवि जयानक ने पृथ्वीराज विजय की रचना की।
अजमेर की सवारियां और जुलूस

-सोलथम्बा फरिकेन की ईसर गणगौर (राठौड़ बाबा) और अग्रवाल पंचायत घसेटी धड़े की पारंपरिक गणगौर की सवारी अजमेर की शान है। पुष्प वर्षा, इत्र छिड़कर कई स्थानों पर राठौड़ बाबा और गणगौर की सवारी का स्वागत होता है।
-झूलेलाल जयंती पर प्रतिवर्ष शानदार जुलूस निकाला जाता है। इसमें भगवान झूलेलाल के जीवन से जुड़ी झांकियां दिखती हैं। सिंधी समुदाय पुरानी और आधुनिक संस्कृति को बखूबी पेश करता है।

-महावीर जयंती पर श्वेतातम्बर जैन समुदाय के लोग प्रभात फेरी निकालते हैं।भगवान महावीर के जिओ और जीने दो के सिद्धांत पर आधारित झांकियां शामिल होती हैं।
-कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट धर्मावलंबी प्रतिवर्ष नवंबर में ख्रीस्त राजा का जुलूस निकालते हैं। यह सेंट पॉल्स स्कूल से केसरगंज स्थित इमेक्यूटेल कंसेप्शनल चर्च तक निकलता है।-सिख समुदाय का नगर कीर्तनसिख समुदाय प्रतिवर्ष गुरुनानक जयंती और गुरू गोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव पर नगर कीर्तन निकालता है। इसमें अखाड़े के पट्टेबाज शानदार करतब दिखाते हैं।
यह हैं अजमेर की पुरानी पहचान

-ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की 810 साल पुरानी दरगाह

-चौहान कालीन तारागढ़ का किला और मीरां साहिब की दरगाह-ब्रिटिशकालीन मेयो कॉलेज

-ब्रिटिशकालीन राजकीय महाविद्यालय (एसपीसीजीसीए)-बरसों पुराने कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट चर्च
-सोनीजी की नसियां में स्वर्णिम अयोध्या नगरी-भव्य दिगम्बर और श्वेताम्बर जैन मंदिर

-ऋषि दयानंद की निर्वाण स्थली और ऋषि उद्यान-नारेली तीर्थ क्षेत्र

अजमेर को मिली नई सौगात

-वैशाली नगर में आनासागर झील के निकट सेवन वंडर्स पॉइंट में फ्रांस का एफिल टावर, इटली का कोलोजियम, मिस्र के पिरामिड सहित अन्य मॉडल।
-आनासागर झील में गौरव पथ-पुरानी चौपाटी और रीजनल कॉलेज के सामने नई चौपाटी पर म्यूजिकल फाउन्टेन-किंग एडवर्ड मेमोरियल में थ्रीडी प्रोजेक्शन मैपिंग शो

-गौरव पथ और रीजनल कॉलेज चौपाटी पर सनराइज- सनसेट सेल्फी पॉइंट-आनासागर झील की चारों ओर पाथ वे और चौपाटी
-सागर विहार कॉलोनी-वैशाली नगर में खूबसूरत बर्ड पार्क-जयपुर के जवाहर कला केंद्र की तर्ज पर सूचना केंद्र में ओपन थियेटर

-कचहरी रोड,आगरा गेट से मार्टिंडल ब्रिज तक एलिवेटेड रोड-आानासागर झील में बोटिंग और वाटर स्कूटर

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