पाली के लार्वा को हजम करेगी अजमेर की मछलियां

मौसमी व मच्छर जनित बीमारियों से निजात पाना है तो खुले पानी के टांके, तालाब में डाले यह मछलियां...अजमेर में हुए प्रयास शुरू

By: manish Singh

Published: 10 Apr 2019, 03:00 AM IST

अजमेर. जिलेभर में मौसमी एवं मच्छरजनित बीमारियों पर नियंत्रण एवं लार्वा पर शिकंजा कसने के लिए गम्बूशिया मछलियों का पालन किया जा रहा है। हालांकि फिलहाल स्वास्थ्य संकुल परिसर स्थित हैचरी में ही गम्बूशिया मछलियां उपलब्ध हैं जबकि अन्य छह हैचरी में गम्बूशिया मछलियों का टोटा है।

संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं अजमेर जोन स्थित कार्यालय एवं सीएमएचओ कार्यालय परिसर में बने गम्बूशिया मछली पालन टैंक में मछलियां उपलब्ध हैं। इस टैंक से गम्बूशी मछलियां डिमांड आने पर अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर एवं टोंक जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सप्लाई की जाती है। जहां लार्वा की अधिकता पर इन मछलियों को छोड़ा जाता है और उनका खात्मा किया जाता है।

अजमेर जिले में और यहां हैं हैचरी

अजमेर जिले में जवाजा ब्लॉक में किशनपुरा, राजियावास, पीसांगन के बुधवाड़ा, भिनाय ब्लॉक के टांटोटी, केकड़ी ब्लॉक में पारा एवं सावर में हैचरी बनी हुई है। इन हैचरीज में न तो गम्बूशिया मछलियां हैं न पानी है। ऐसे में इनका मेंटीनेंस भी चुनौती बना हुआ है।

बजट मिला मगर दो हैचरी की ही मरम्मत

गम्बूशिया मछलियों के पालन के लिए बनाई गई हैचरीज की सार-संभाल के लिए बजट बीते सत्र में मिला था और इनसे दो हैचरीज की मरम्मत करवाई गई है। दो हैचरीज में पानी भरवाकर गम्बूशियां मछलियां छुड़वाई जाएगी।

Ajmer fishes to digest pali larvae
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manish Singh Reporting
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