ध्वस्त होंगे बांडी नदी के अवरोध, 66 अतिक्रमियों को नोटिस

अभियान : बांडी नदी की मौत

कलक्टर की सख्ती के बाद हरकत में एडीए
टूटेंगे भू-माफियाओं के अवैध निर्माण

स्मार्ट सिटी के तहत बनेगा बांडी रीवर फ्रंट

By: bhupendra singh

Updated: 28 Oct 2020, 11:06 PM IST

अजमेर. राजस्थान पत्रिका के बांडी नदी Bandi river बचाओ अभियान के तहत अजमेर विकास प्राधिकरण ने बांडी नदी के बहाव क्षेत्र में चिन्हित 66 अतिक्रमियों trespassers व भू माफियाओं को मंगलवार को नोटिस notice जारी कर दिए। इन अतिक्रमियों व भू-माफियोंओ को निर्धारित समय में अपना पक्ष व भूमि स्वामित्व सम्बन्धी दस्तावेज प्राधिकरण को प्रस्तुत करना होगा। अतिक्रमी साबित होने की दशा में अतिक्रमण ध्वस्त demolished कर नदी का रास्ता साफ किया जाएगा। प्राधिकरण के सर्वे में सामने आया है कि फॉयसागर झील की पाल से डिफेंस कॉलोनी की उत्तरी पश्चिमी सीमा तक नदी का बहाव क्षेत्र मौक पर मौजूद है। यहां बरड़ा सड़क व पुलिया का निर्माण प्राधिकरण की भूमि व नदी भूमि करते हुए अतिक्रमण किया गया है। ग्राम बोराज के खसरा नम्बर 2 किस्म नदी व खसरा नम्बर 449 किस्म नाला में रिहायसी मकान बने हुए हैं। नदी के बहाव क्षेत्र में आर.के.पुरम कॉलोनी, बोराज, कोटड़ा, ज्ञानविहार में नदी की जमीन पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हुआ है।
नदी की जमीन पर काटी दी कॉलोनी

नदी के बहाव क्षेत्र में कई बहुमंजिला पक्के मकान, टेंट गोदाम, धार्मिक स्थल, कम्प्यूटर इंस्टीट्यूट, मकान व दुकान फैक्ट्री, पोल्ट्रीफार्म, पुलिया, चारदीवारी, बाडे व अन्य कच्चे व पक्के अवैध निर्माण हुए हैं। वहीं कुछ ने पक्की सड़क बनाकर कॉलोनी भी काटी दी। अधिकतर लोगों ने मकान बनाने के बाद बेच दिए है तो किसी ने किराए पर चढ़ा दिए हैं।
यह हैं बांडी नदी के अतिक्रमी

राजाराम मीणा ने नदी के बहाव क्षेत्र में बरड़ा सड़क व पुलिया बना ली, श्रीवास्तव पोल्ट्री फार्म, रमेश गढ़वाल ने नदी के बहाव क्षेत्र मेें मकान बना लिया, सीता व कमला ने मंदिर व मकान बनाया है, भगवानदास का पक्का निर्माण और अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पुलिया निर्माण किया गया है।
ग्राम हाथीखेड़ा -तीजा, प्रेम, ज्ञानी,रत्ना, प्रेमदेवी, श्रवण, सिंगा, रामदेव, दूदा, कालू समस्त जाति रावत द्वारा काटों की बाड़ लगाकर कृषि कार्य करते हुए अतिक्रमण कर रखा है। सुबेसिंह चौधरी द्वारा पक्का निर्माण, पूनम भक्तानी द्वारा गोदाम बनाकर अतिक्रमण। अज्ञात द्वारा सड़क निर्माण कर प्लॉटिंग भूखंड बेचने व संगीता मोटवानी पत्नी रमेश मोटवानी द्वारा दीवार निर्माण। सौ फीट लम्बी दीवार बनाकर अतिक्रमण किया गया। ग्राम बोराज में नदी के बहाव क्षेत्र में भागचंद, ताराचंद द्वारा 150 फीट लम्बी दीवार का निर्माण कर अतिक्रमण।

ग्राम बोराज - अनिल आचार्य, गोपाल सिंह भाटी, डॉ.डी.के.माथुर, पहलवान सिंह, अमित खंडेलवाल,महेन्द्र दायमा, मुन्ना भाई खादिम द्वारा नदी भूमि पर पक्का निर्माण।
मंजू शर्मा, जीवराज द्वारा 1200 वर्गमीटर पर चारदीवारी कर पशुपालन, बसंत सेठी का पक्का मकान, राजेश जोशी का पक्का मकान, राजकपूर, राकेश वर्मा मकान व दुकान, राकेश वर्मा द्वारा चार मंजिला मकान, राकेश वर्मा का मकान व गोदाम, दीपा पारवानी, मोइनुद्दीन, ठाकुरी देवी, भोजराज, सुशील बीजावत, सुशील कंदोई, करण सिंह बेनीवाल, राजेन्द्र खंडेलवाल, राजकुमार साहू, गणेश, किशनचंद, हुकुमचंद गोयल, अशोक कुमार जोशी, राधेश्याम शर्मा निवासी भिनाय व अज्ञात, रविन्द्र अरोड़ा, धर्मीचंद, श्रवण, छोटू आदि का अतिक्रमण है। इसी तरह सीताराम गोयल पुत्र शिव शंकर गोयल निवासी सिविल लाइन द्वारा पक्की चारदीवारी का निर्माण कर अतिक्रमण किया गया है।

दो साल पहले इन्हें जारी हुए थे नोटिस
कोटड़ा के खसरा नम्बर 1265 में विक्रम सिंह, प्रदीप गर्ग, कुलदीप सिंह, प्रदीप/ रामलाल गर्ग,हर्ष जैन। हाथीखेड़ा में भीम सिंह व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ नोटिस जारी हो चुके हैं। कोटड़ा सीताराम गोयल प्रदीप गर्ग,विक्रम सिंह राठौड़, कुलदीप सिंह, प्रदीप गर्ग/ रामलाल गर्ग,प्रवीण मानकचंद माली,हर्ष जैन।

बोराज में रामनिवास शर्मा, नीरज जोशी, श्रवण रावत, राजेन्द्र अग्रवाल, साहू, किशनचंद केशवानी, हुकुम चन्द गोयल, सुशील बीजावत,भोजराज,पारसमल तीर्थानी, नईम खान, दीपा पारवानी, प्रतिभा चौधरी, राकेश वर्मा के दो निर्माण,राजेश जोशी,गुड्डू चौधरी, रविन्द अरोड़ा, गोपाल सिंह भाटी, अनीता अरोड़ा, महापरी, हरीश शर्मा, रतन लाल दायमा, रजिया बानो। हाथीखेड़ा में भगवान दास,भीम सिंह रावत। घूघरा निवासी प्रहलाद गुर्जर, पप्पू गुर्जर,भंवर लाल गुर्जर। कांकरदा भूणााबाय निवासी बादामी देवी, लाली रावत, मेवासिंह रावत, हंसराज रावत, मक्खन सिंह रावत, उम्मेद सिंह रावत का अतिक्रमण चिन्हित कर नोटिस जारी किए गए थे।
फैक्ट फाइल

बांडी नदी फॉयसागर से आनासागर तक प्रवाहित होती है इसकी लम्बाई तीन किलोमीटर है। राजस्व मानचित्र में बांडी नदी की चौड़ाई 60-200 मीटर है लेकिन कहीं-कहीं पर यह 76-78 मीटर भी है। बांडी नदी फॉयसागर से आनासागर तक प्रवाहित होती है नदी के दोनों तरफ आबादी बस गई है। कई जगह नदी पर आवाजाही के पुलिया व पक्के रास्ते भी बना लिए गए हैं। अतिक्रमण के कारण बांडी नदी का अस्तित्व ही मिट रहा है।

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bhupendra singh Reporting
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