बैरक-थाने बनेंगे कुंवारे पुलिसकर्मियों के आशियाने

डीजीपी के आदेश पर पुलिस अधीक्षकों ने शुरू की कवायद, खाली पड़े हैं पुलिस लाइन के बैरक

By: manish Singh

Published: 28 May 2021, 05:00 AM IST

अजमेर.

पुलिस में अविवाहित जवानों को अब थाने और पुलिस लाइन की बैरक में ही रहना होगा। ताकि आपात स्थिति में भी पर्याप्त सुरक्षा बल संबंधित घटना स्थल पर तुरन्त पहुंच सके। पुलिस महानिदेशक एम.एल. लाठर के आदेश की पालना में प्रदेशभर के पुलिस अधीक्षक व कमांडेंट ने अविवाहित पुलिसकर्मियों को छंटनी के साथ मौजूदा आवासीय स्थिति का आंकलन शुरू कर दिया है।

पुलिस महानिदेशक एम.एल. लाठर ने पुलिस थानों, रिजर्व पुलिस लाइन व बटालियन मुख्यालय में बनी बैरक में जवानों के नहीं ठहरने को गंभीर माना है। उन्होंने पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के सुझाव को ध्यान रखते हुए 40 फीसदी जवानों का बैरक में रहना अनिवार्य माना है। जिससे कानून व्यवस्था की आपात स्थिति में राजकार्य के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मुहैया हो सके।

जरूरत पर तत्काल नहीं मिल पाते जवान

गौरतलब है कि रिजर्व पुलिस लाइन, थाने, बटालियन मुख्यालय पर 60:40 के अनुपात में सरकारी आवास भवन व बैरक बने होने के बावजूद जवान इनमें ना रहकर किराए का मकान लेकर बाहर रह रहे हैं। ऐसे में आकस्मिक स्थितियों में आवश्यकता होने पर पर्याप्त पुलिस बल नहीं मिल पाता। नवनियुक्त, अविवाहित पुलिस के जवान भी बैरक में नहीं रह रहे हैं।

नहीं मिलेंगे सरकारी आवास

थाने, रिजर्व पुलिस लाइन, बटालियन में तैनात अविवाहित पुरुष व महिला पुलिसकर्मी संस्थान परिसर में निर्मित बैरक में ही निवास करेंगे। अपरिहार्य कारणों से अविवाहित कर्मचारी में से जवान को बैरक से बाहर किराए के मकान में रहने के लिए एसपी और कमांडेट से स्वीकृति लेनी होगी। बिना स्वीकृति संस्थान के बाहर रहने को अनुशासनहीनता मान कार्रवाई की जाएगी। अविवाहित पुलिस कर्मियों को सरकारी आवास आवंटित नहीं किए जाएंगे।

खुद के मकान में निवास की भी अनुमति जरूरी

-एसपी, कमांडेंट सुनिश्चित करेंगे कि जो पुलिसकर्मी किराए के मकान में निवासरत है उस भवन मालिक के खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण या किसी संगठित अपराध में शामिल का साक्ष्य तो नहीं। पदस्थापन के स्थान पर स्वयं के आवासीय भवन रहने के लिए एसपी से अनुमति लेनी होगी।

-थाने, पुलिस लाइन, बटालियन व प्रशिक्षण संस्थानों के मुख्यालय पर बैरक में ठहने वाले कर्मचारियों का प्रत्येक माह का रजिस्टर संधारित किया जाएगा। आदेशों के बावजूद बैरक में जवानों के निवास नहीं करने पर विभागीय कार्यवाही कर पुलिस मुख्यालय को सूचित किया जाएगा।

manish Singh Reporting
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