बीसी संचालक ने भूमाफिया के जरिए बेच दी गिरवी रखी जमीन, चार गिरफ्तार

भूमाफिया ने बेची बेनामी सम्पतियां

By: manish Singh

Updated: 07 Sep 2021, 02:06 AM IST

अजमेर. शहर में जमीन की खरीद-फरोख्त में सक्रिय भू-माफिया ने एक जमीन को दो जगह बेचान कर दिया। जमीन के फर्जी बेचान का सूत्रधार अजमेर सेन्ट्रल जेल की सलाखों के पीछे बैठा बीसी संचालक प्रमोद गुप्ता है। पीडि़ता की शिकायत पर सोमवार रात अलवरगेट थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर तीन युवक समेत एक महिला को गिरफ्तार कर लिया।

मदार इन्द्रा नगर निवासी प्राची पत्नी पवन अटारिया ने सोमवार दोपहर अलवर गेट थाने में शिकायत दी। उसने बताया कि 2015 में उसने रामचंद्र से भूखंड खरीदा। वह तब से वहां मकान बना कर रह रहा है। एक महीने पहले अंगद शर्मा नाम के व्यक्ति ने उक्त जमीन उसके नाम होने का दावा किया। तब से वह जमीन खाली करने के लिए परेशान कर रहा है। प्राची की शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्जकर अंगद व रामचन्द्र को थाने बुलाकर पूछताछ की। पुलिस पड़ताल में अंगद शर्मा ने बताया कि बीसी संचालक प्रमोद गुप्ता ने अपने पार्टनर मनोज खंडेलवाल व अन्य के जरिए जमीन का बेचान कर दिया। सच सामने आने के बाद सोमवार देर रात पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी मनोज खंडेलवाल, मनोज गुरबानी, प्रकाश रामचन्दानी और नीतू टेहल्याणी को गिरफ्तार किया है।

बनाए जाली दस्तावेज

अंगद शर्मा मनोज खंडेलवाल का मुनीम बताया जा रहा है। अंगद शर्मा ने पुलिस को बताया कि 2013 में जमीन के मालिक रामचन्द्र ने बीसी संचालक प्रमोद गुप्ता को जमीन गिरवी रख दी। गुप्ता बी.सी. में करोड़ों की हेरफेर कर फरार हो गया। इस मामले में गुप्ता को जेल हो गई। इधर रामचन्द्र ने प्राची-पवन अटारिया को जमीन बेच दी। उधर प्रमोद गुप्ता ने पार्टनर मनोज खंडेलवाल के जरिए बेनामी सम्पतियों का बेचान कर वसूली शुरू कर दी।

100 से ज्यादा बेनामी सम्पत्ति!

सूत्रों के मुताबिक प्रमोद गुप्ता की 100 से ज्यादा बेनामी सम्पत्तियों के दस्तावेज पुलिस ने पार्टनर मनोज खंडेलवाल के घर से जब्त किए हैं। प्रारंभिक पड़ताल में भूमाफिया गिरोह 60 लाख से ज्यादा की वसूली कर चुका था।

गरीब परिवार का बनाया था शिकार
बीसी संचालक प्रमोद गुप्ता और उसके परिवार ने अजमेर समेत आसपास के हजारों लोगों के करोड़ों रुपए हजम कर फरार हो गया था। गुप्ता बीसी की आड़ में सम्पति गिरवी रखकर ब्याज पर पैसा देने का काम भी करता था। गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस आरोपी से कुछ भी बरामदगी नहीं कर सकी थी। जेल जाने के बाद प्रमोद गुप्ता ने पाटर्नर मनोज खंडेलवाल के जरिए बेनामी सम्पत्तियों का बेचान कर वसूली शुरू कर दी थी।

manish Singh Reporting
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