Big Challenge: नौकरी तो ढूंढ ली हमने, बिना एग्जाम कैसे हो ज्वॉइनिंग

एमबीए तृतीय और चतुर्थ वर्ष सेमेस्टर की नहीं हुई परीक्षाएं। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने में जुटे परीक्षा संस्थान।

By: raktim tiwari

Published: 16 Jun 2021, 08:29 AM IST

अजमेर.

कोरोना संक्रमण के चुनौतिपूर्ण दौर में कई युवाओं का कैंपस प्लेसमेंट में चयन हो चुका है। लेकिन बकाया सेमेस्टर और वार्षिक परीक्षाओं के उन्हें कोई फायदा मिलना मुश्किल है। मामला महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के एमबीए के विद्यार्थियों से जुडा़ है। विद्यार्थियों की तृतीय और चतुर्थ वर्ष की सेमेस्टर परीक्षाओं का अता-पता नहीं है।

विश्वविद्यालय के दो वर्षीय एमबीए पाठ्यक्रम में 120 सीट हैं। सत्र 2020-21 में अध्ययनरत विद्यार्थियों की तृतीय सहित चतुर्थ वर्ष की सेमेस्टर परीक्षाएं बकाया हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. शिव प्रसाद ने फरवरी-मार्च में ही सेमेस्टर परीक्षाएं कराने के लिए पत्रावली भेजी थी, लेकिन परीक्षाएं नहीं हो पाई हैं। परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुब्रतो दत्ता ने बताया कि बकाया परीक्षाएं शीघ्र कराने के प्रयास किए जाएंगे।

कैंपस प्लेसमेंट में हुआ चयन
एमबीए के 20 से ज्यादा विद्यार्थियों का चयन निजी बैंक और अन्य संस्थानों में चयन हो चुका है। इन्हें नियमानुसार इंटर्नशिप के बाद कम्पनियों में ज्वॉइनिंग देनी है। उधर बकाया सेमेस्टर परीक्षाओं को लेकर कम्पनियों ने भी विद्यार्थियों और विभाग से जानकारी मांगी है।

सफाई कर दिखाई गांधीगीरी
एमबीए के कुछ छात्रों ने विभाग में सफाई कर गांधीगीरी दिखाई। उन्होंने प्रशासन से बकाया परीक्षाएं जल्द कराने का आग्रह किया।

raktim tiwari Reporting
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