Big Issue: कागजों के जंगल में गुम हो गया एक खूबसूरत गार्डन

मंत्रालय की मंशा है, कि शहरी क्षेत्रों में वन क्षेत्रों को अतिक्रमण बचाने और स्वच्छ पर्यावरण के लिए नगर वन उद्यान से बेहतर विकल्प नहीं है।

By: raktim tiwari

Published: 05 Mar 2021, 09:08 AM IST

अजमेर.

शास्त्री नगर-लोहागल रोड स्थित नगर वन उद्यान की तर्ज पर पंचशील में वन उद्यान विकसित करने की योजना परवान नहीं चढ़ रही। वन विभाग का प्रस्ताव करीब आठ महीने से कागजों में घूम रहा है। नगर निगम से विभाग को प्रत्युत्तर नहीं मिला है।

बीते साल स्वायत्त शासन विभाग के निर्देशानुसार नगर निगम ने वन विभाग को पंचशील इलाके में नगर वन उद्यान के लिए जमीन चिन्हित करने को कहा था। विभाग ने पृथ्वीराज नगर योजना के निकट वन खंड चिन्हित भी किया। लेकिन इसके बाद से मामला ठंडे बस्ते में है। वन विभाग को नगर निगम से जवाब नहीं मिलने से शहरवासी एक खूबसूरत उद्यान से महरूम हैं।

केंद्र सरकार की है योजना
केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने पिछले साल योजना तैयार की थी। इसके तहत देश के 200 शहरों में सिटी फॉरेस्ट गार्डन स्थापित किए जाने हैं। इसके लिए विभिन्न राज्यों के स्थानीय नगर निकायों को वन विभाग के साथ तालमेल बैठाकर योजना को क्रियान्वित करना है। मंत्रालय की मंशा है, कि शहरी क्षेत्रों में वन क्षेत्रों को अतिक्रमण बचाने और स्वच्छ पर्यावरण के लिए नगर वन उद्यान से बेहतर विकल्प नहीं है।

मिलेंगे 2 करोड़ रुपए
नगर वन उद्यान के लिए केंद्र/राज्य सरकार 2 करोड़ रुपए देगी। चिन्हित किए जाने क्षेत्र में तारों की फेंसिंग, पहाड़ों से बहकर आने वाले पानी के संग्रहण के लिए पाल और नालों पर एनिकट, पौधरोपण, वॉक-वे, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जानी हैं। वन खंड में 10 हैक्टेयर जमन का इस्तेमाल किया जाना है।

शास्त्री नगर वन उद्यान है मॉडल
शास्त्री नगर-लोहागल रोड पर 75 हेक्टेयर भूमि पर नगर वन उद्यान बनाया गया है। इस पर करीब 4 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। यहां वॉच टावर से अरावली की पहाडिय़ों और उद्यान की खूबसूरती को निहारा जा सकता है। उद्यान में पौधे और हरी घास लगाई गई है। वॉक-वे, व्यू पॉइन्ट, बायो टॉयलेट, चिल्ड्रन्स पार्क विकसित किया गया है। परिसर में 1 हजार से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं। इनमें नीम, पीपल, बरगद, अमलताश, गुलमोहर और अन्य पौधे शामिल हैं। उद्यान में खरगोश, जरख, सेवली, हिरण और अन्य जीव-जंतु दिखते रहते हैं। इसके अलावा क्षेत्र के बड़े पेड़ों पर तोता, मैना, कोयल और अन्य पक्षी भी बहुतायत में हैं।


पंचशील नगर वन उद्यान के लिए नगर निगम से कोई जवाब नहीं मिला है। पिछले साल पृथ्वीराज नगर के निकट इलाका चिन्हित भी किया था। कोई प्रत्युत्तर मिला तो चर्चा करेंगे।
सुनील कुमार, उप वन संरक्षक अजमेर

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