Big issue: अजमेर में पहाड़ों कर खड़े हो रहे बस्तियों के पहाड़

लोग सांठ-गांठ कर बिजली-पानी के कनेक्शन ले चुके हैं। जिसको जहां जमीन पसंद आई वही पहाड़ खोदकर कमरा-मकान बना रहा है।

By: raktim tiwari

Published: 09 Aug 2020, 07:50 AM IST

रक्तिम तिवारी/हिमांशु धवल/अजमेर.

खूबसूरती के लिए विख्यात अरावली पर खतरा मंडरा रहा है। लोग पहाड़ों को काटकर घरौंदे बनाने के अलावा अवैध कब्जे में जुटे हैं। ज्यादातर क्षेत्र वन विभाग, अजमेर विकास प्राधिकरण के अधीन है। कई मर्तबा दिखावटी तौर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई।

अजमेर नाग पहाड़-अरावली से घिरा हुआ है। दुनिया की सबसे प्राचीन पर्वतमाला का ज्यादातर क्षेत्र वन विभाग के अधीन है। इनमें नागफणी-बोराज, तारागढ़ संपर्क सड़क, शास्त्री नगर-वैशाली नगर, आंतेड़-राजीव कॉलोनी के क्षेत्र, पंजीयन कार्यालय के पीछे, जटिया कॉलोनी सहित अन्य इलाकों में कई लोगों ने पहाड़ी पर कब्जे कर लिए हैं। यहां सैकड़ों पक्के-कच्चे मकानों-कमरों, दुकानों का निर्माण हो रहा है। लोग सांठ-गांठ कर बिजली-पानी के कनेक्शन ले चुके हैं।

पहाड़ पर बसीं सघन बस्तियां
दरगाह-तारागढ़-आमाबाव के इलाके में पहाडिय़ां अतिक्रमियों के लिए बेशकीमती हैं। यहां लोग पहाड़ों को काटकर अवैध कब्जों में जुटे हैं। कई इलाके घनी बस्तियों में तब्दील हो चुके हैं। वन विभाग, अजमेर विकास प्राधिकरण, नगर निगम की टीम का पहुंचना भी दुश्वार है।

खोदो पहाड़, बनाओ मकान
पत्रिका टीम ने कई इलाकों का जायजा लिया। जगह-जगह पहाड़ी क्षेत्र में नालों-पथरीले इलाकों में अवैध बाड़े, मकान बनते दिखे। इनमें धौलाभाटा, नागफणी-बोराज क्षेत्र, आंतेड़-राजीव कॉलोनी, शास्त्री नगर, सोमलपुर-रामगंज, दरगाह संपर्क सड़क शामिल हैं। जिसको जहां जमीन पसंद आई वही पहाड़ खोदकर कमरा-मकान बना रहा है।

कार्रवाई की नहीं परवाह....
वन विभाग, एडीए और नगर निगम ने कई मर्तबा अतिक्रमण हटाए पर अतिक्रमियों की सेहत पर फर्क नहीं पड़ा है। पिछले दस साल में माकड़वाली रोड रामदेव नगर, नागफणी इलाके से अतिक्रमण हटाया गया। लेकिन प्रशासन की कार्रवाई दिखावटी ही हुई। लोग लगातार पहाड़ों और वन क्षेत्र से सटे इलाकों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

ये है पहाड़ पर कब्जों के तरीके
-पहाड़ों के पत्थरों को आग लगाकर करते हैं कमजोर
-पसंदीदा जगह पहाड़ काटकर तत्काल कमरा निर्माण
-जमीन पर तारबंदी अथवा पत्थरगढ़ी
-तुरन्त लेते हैं बिजली और पानी के कनेक्शन
-रात्रि में मजदूरों अथवा जेसीबी से खुदाई

फैक्ट फाइल
900 साल पुराना है अजमेर
60 प्रतिशत पहाड़ी इलाकों में अवैध कब्जे
250 से ज्यादा अवैध बस्तियां पहाड़ों पर
3 विभागों में बंटी है पहाड़ों की जमीन


वन विभाग की जमीन पर कहां-कहां कब्जे और अतिक्रमण हैं, इसकी रिपोर्ट विभाग ने बनाई थी। यहां तारबंदी कराना प्रस्तावित है। पहाड़ों पर कब्जों को लेकर विभाग नियमित कार्रवाई करता रहा है। कई इलाकों से जमीन मुक्त कराई गई है।
सुदीप कौर, पूर्व उप वन संरक्षक अजमेर मंडल

raktim tiwari Reporting
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