Big Issue: भर लिया खुद का खजाना, ना खेलकूद हुए ना कोई इवेंट

प्रति विद्यार्थी निर्धारित है सौ रुपए शुल्क। किसी कॉलेज अथवा विवि में नहीं हुई स्पर्धाएं।

By: raktim tiwari

Published: 21 Feb 2021, 08:30 AM IST

अजमेर.

कोरोना संक्रमण ने सत्र 2020-21 में खेलकूद गतिविधियों को चौपट कर दिया है। लेकिन महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय सहित सरकारी-निजी कॉलेज ने विद्यार्थियों से वसूले खेल शुल्क से अपना खजाना जरूर भर लिया। राशि का उपयोग अब अगले सत्र में हो पाएगा।

विश्वविद्यालय से करीब 300 सरकारी और निजी कॉलेज सम्बद्ध हैं। इनमें स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के लॉ बीएड और अन्य उच्च शिक्षण संस्थान शामिल है। खेलों के विकास के लिए विवि और कॉलेज विद्यार्थियों से प्रतिवर्ष सौ रुपए बतौर खेल शुल्क वसूलते हैं ताकि विद्यार्थियों के लिए आउटडोर और इन्डोर खेलों की सुविधाओं का विकास और प्रतिस्पधाएं कराई जा सकें।

संस्थान रहे बंद, नहीं हुई स्पर्धाएं
बीते वर्ष मार्च से मई तक लॉकडाउन और उसके बाद कोरोना संक्रमण के कारण स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय बंद रहे। यूजी और पीजी फाइनल की ऑफलाइन कक्षाएं 18 जनवरी से शुरू हुई। संस्थान बंद रहने से जिला, संभाग, राज्य और राष्ट्रीय स्तरीय खेलकूद प्रतिस्पर्धाएं नहीं हो पाईं। हालांकि संस्थानों ने विद्यार्थियों से खेल शुल्क लेकर अपना खजाना जरूर भर लिया।

वसूलते शुल्क, सुविधाएं दोयम दर्जे की
शुल्क वसूलने के बावजूद विवि और उससे सम्बद्ध कॉलेज में खेल सुविधाएं दोयम दर्जे की हैं। राजकीय कन्या महाविद्यालय, लॉ कॉलेज, श्रमजीवी कॉलेज, राजकीय आचार्य संस्कृत कॉलेज सहित अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर और टोंक के निजी कॉलेज में खेल मैदान नहीं हैं। जबकि कॉलेज को सम्बद्धता देते वक्त विश्वविद्यालय भवन के अलावा खेल सुविधाओं का निरीक्षण करता है। इनमें खेल मैदान, आउटडोर और इन्डोर खेल सुविधाएं, संसाधन, शारीरिक शिक्षक और अन्य बिन्दु शामिल होते हैं।

खेल प्रशिक्षकों की कमी
90 प्रतिशत सरकारी और निजी कॉलेज बगैर खेल प्रशिक्षकों के संचालित हैं। सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय जैसे बड़े कॉलेज को छोड़कर कहीं शारीरिक शिक्षा विभाग नहीं नहीं है। कॉलेज स्तर पर खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन भी नहीं होता। यदा-कदा विद्यार्थियों के लिए अन्तर कक्षा स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता होती हैं।

स्कूल दिखा रहे कॉलेज को ठेंगा
खेल सुविधाओं के मामले में उच्च शिक्षण संस्थाओं से स्कूल ज्यादा बेहतर हैं। शहर के मेयो कॉलेज और मेयो कॉलेज गल्र्स स्कूल, मयूर, संस्कृत द स्कूल और अन्य स्कूल में उच्च स्तरीय स्वीमिंग पूल, बास्केटबॉल कोर्ट, हॉकी-क्रिकेट मैदान, स्कवैश, टेबल टेनिस, लॉन टेनिस, फुटबॉल, राइफल शूटिंग, बैडमिंटन और अन्य इन्डोर गेम्स सुविधाएं उपलब्ध है।

खेल शुल्क का गणित...
विवि से सम्बद्ध कॉलेज-300
प्रति विद्यार्थी खेल शुल्क-100 रुपए
एक सत्र में एकत्रित खेल शुल्क-करीब 5 करोड़
खेल स्पर्धा/आयोजन/अन्य पर खर्च-2 से 3 करोड़

raktim tiwari Reporting
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