Big issue: डकार चुके यूनिवर्सिटी की बेशकीमती जमीन, अब आई सुध

तत्कालीन भैरोसिंह शेखावत सरकार ने 1989-90 में विश्वविद्यालय को कायड़ रोड पर 700 एकड़ भूमि आवंटित की। कई जगह हो चुके हैं अवैध निर्माण।

By: raktim tiwari

Published: 05 Sep 2020, 07:01 AM IST

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

सरकार से मिली बेशकीमती जमीन को महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय को अब सुध आई है। गुजरे 32 साल में अतिक्रमी जमीन कब्जाते गए लेकिन विवि प्रशासन मौन साधे रहा। कब्जे वाली जमीन कई टुकड़ों में करीब 70 बीघा है। इसे अतिक्रमियों से छुड़ाना आसान नहीं है।

तत्कालीन भैरोसिंह शेखावत सरकार ने 1989-90 में विश्वविद्यालय को कायड़ रोड पर 700 एकड़ भूमि आवंटित की। 1990 में तत्कालीन उप राष्ट्रपति (बाद में राष्ट्रपति) डॉ. शंकरदयाल शर्मा ने इसका शिलान्यास किया। जमीन को लेकर विश्वविद्यालय की लापरवाही का अतिक्रमियों ने जमकर फायदा उठाया। बीकानेर-जनाना अस्पताल जाने वाली रोड पर विश्वविद्यालय की जमीन पर सर्वाधिक कब्जे हुए। स्टाफ कॉलोनी के पीछे भी जमीन का कुछ हिस्सा अतिक्रमण की चपेट में है।

लोग तोड़ चुके गेट
विवि प्रशासन ने दो साल पूर्व जमीन की पैमाइश के लिए सेवानिवृत्त गिरदावर, पटवारी को लगाया। अजमेर-पुष्कर रेलवे लाइन के निकट चारदीवारी बनाकर गेट लगवाए गए। लेकिन अतिक्रमियों ने गेट तोड़ दिए। एक विवाह समारोह स्थल के निकट स्थित 1 हजार वर्ग गज जमीन पर भी अतिक्रमियों की नजरें हैं। हाल में चीफ प्रॉक्टर प्रो. अरविंद पारीक ने कुलसचिव कार्यालय के आदेशानुसार एक अतिक्रमी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

विवि की जमीन पर रेल लाइन
अजमेर-पुष्कर रेलवे लाइन भी विश्वविद्यालय के क्षेत्राधिकार वाले पहाड़कर को काटकर निकाली गई है। तत्कालीन कुलसचिव किशोर कुमार ने रेलवे को जमीन का मुआवजा या जमीन के बदले जमीन देने का पत्र भी भेजा, पर मामला वहीं ठप हो गया।

जयपुर रोड पर कब्जे
जयपुर रोड पर राजस्व प्रशिक्षण केंद्र के निकट विश्वविद्यालय की जमीन है। यहां भी अवैध दुकानें और बाड़े बन चुके हैं। विश्वविद्यालय ने पुलिस अथवा जिला प्रशासन से सहयोग लेकर अतिक्रमियों से जमीन खाली कराने और कार्रवाई का प्रयास नहीं किया है। हथियाई गई जमीन करोड़ों रुपए की है।

विवि की जमीन पर अतिक्रमण हैं। इन्हें चिन्हित कर नोटिस दिए जाएंगे। फिलहाल जमीन की पैमाइश भी कराई जा रही है।
प्रो. आर. पी. सिंह, कुलपति मदस विवि

raktim tiwari Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned