Biggest Issue: सोलर एनर्जी से दूर पुलिस थाने, बरसों से डिस्कॉम पर निर्भर

कई संस्थानों में लग चुके हैं सौर पैनल। गृह मंत्रालय को नहीं है बिजली बचत से मतलब।

By: raktim tiwari

Published: 11 Oct 2021, 09:16 AM IST

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

देश में कोयले की कमी से कई राज्यों में बिजली उत्पादन गड़बड़ा गया है। बिजली कटौती करनी पड़ रही है। केंद्र और राज्य सरकार का सौर ऊर्जा क अधिकाधिक उपयोग करने पर जोर है। लेकिन कानून व्यवस्था संभालने वाली पुलिस इससे इत्तेफाक नहीं रखती। गृह मंत्रालय ने पुलिस थानों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा नहीं दिया है।


राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी, फायरिंग, कुख्यात अपराधियों की धरपकड़, साइबर क्राइम सरकारी और निजी जमीन-भवन हड़पने, जाली नोट, मानव तस्करी, वाहन चोरी और अन्य संगठित अपराध को पुलिस नियंत्रित करती है। लेकिन बिजली की 'बचत Ó को लेकर पुलिस गंभीर नहीं है।

थानों में नहीं सौर पैनल
राज्य के अधिकांश शहर-ग्रामीण पुलिस थाने डिस्कॉम की बिजली आपूर्ति पर निर्भर हैं। थानों के अलावा संबंधित आईजी, एसपी और प्रशासनिक भवनों पर सौर पैनल नहीं लगे हैं। ऐसा तब है, जबकि देश के अधिकांश राज्यों में बिजली संकट कायम है। केंद्र और राज्य सरकार के दफ्तर, निजी संस्थान सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रहे हैं।

केवल डिस्कॉम की बिजली पर निर्भर
आईजी, एसपी सहित एडिशनल एसपी, सहायक पुलिस अधीक्षक और थानों में एसएचओ के चैंबर में एसी लगे हैं। पुलिस के अहम दफ्तरों और थानों में कंप्यूटर पर कागजी कामकाज होते हैं। सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। हवालात और बैरक भी हैं। इनका प्रतिमाह औसतन बिजली का बिल 4 से 8 हजार रुपए तक आता है। नए भवनों पर भी नहीं पैनल
सभी जिलों में थानों के अत्याधुनिक सुविधाएं वाले नए भवन बने हैं। इनमें भी सौर पैनल नहीं लगाए गए हैं। सीधे तौर पर यह जयपुर, जोधपुर, अजमेर डिस्कॉम की बिजली पर ही संचालित हैं।

इनसे सीखें ऊर्जा का उपयोग
चेन्नई-पुणे के रेलवे स्टेशन पूर्णत: सौर ऊर्जा पर निर्भर हैं। हैदराबाद में झील में फ्लोटिंग पैनल लगाए गए हैं। राजस्थान में कई सरकारी और निजी दफ्तरों में 250 से 550 वाट के सौलर प्लांट-पैनल लग चुके हैं। यह प्रतिमाह लाखों रुपए की बिजली की बचत कर रही हैं।

राज्य में जिलेवार थाने
अजमेर-34, अलवर-38, बांसवाड़ा-16, बारां-19, बाडमेर-24, भरतपुर-26, भीलवाड़ा-34, बीकानेर-26, बूंदी-17, चित्तौडगढ़़-26, चूरू-19, दौसा-17, धौलपुर-15, डूंगरपुर-13, जीआरपी अजमेर-17, जीआरपी जोधपुर-08, हनुमानगढ़-16, जयपुर ईस्ट-16, जयपुर नॉर्थ-15, जयपुर ग्रामीण-21, जयपुर साउथ-13, जयपुर वेस्ट-17, जैसलमेर-17, जालौर-13, झालावाड़-26, झुंझुनूं-19, जोधपुर ईस्ट-12, जोधपुर ग्रामीण-17, जोधपुर वेस्ट-12, करौली-18, कोटा सिटी-17, कोटा ग्रामीण-17, नागौर-32, पाली-27, सिरोही-16, सवाई माधोपुर-16, सीकर-23, प्रतापगढ़-14, राजसमंद-15, टोंक-25, श्रीगंगानगर-26, उदयपुर-45

राजस्थान पुलिस का बेड़ा
आईपीएस-216, आरपीएस-925, सब इंस्पेक्टर-4601, एएसआई-6099, हैड कांस्टेबल-14096, कांस्टेबल-80,295, पुलिस रेंज-7, कमिश्नरेट-2, पुलिस सर्किल-214, पुलिस स्टेशन-888, पुलिस आउट पोस्ट-1189, आम्र्ड बटालियन-17

राज्य में यूं बन रही ग्रीन-सोलर एनर्जी
4000 मेगावट प्रति घंटा है ग्रीन एनर्जी जनरेशन
500 मेगावाट से अधिक के ग्रीन एनर्जी जनरेशन उपकरण
2500 मेगावाट प्रति घंटा बिजली की खपत
300 लाख यूनिट प्रतिदिन उत्पादन


पुलिस महकमे में सोलर प्लांट पॉलिसी सरकार और पुलिस हाउसिंग से जुड़ी है।

गोविंद गुप्ता, एडीजीपी प्लानिंग, मार्डनाइजेशन एंड वेलफेयर

नए थानों में सौर ऊर्जा पैनल लगाना जरूरी है। पुराने थानों-भवनों के मामले में सरकार को पत्र लिखा है।
ए.पोनूचामी, एडीजीपी पुलिस कल्याण

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