लाखों की बिल प्रिंटिंग मशीनें हो रहीं कबाड़, डिस्कॉम ठेके पर करा रहा काम

-अजमेर डिस्कॉम में बिल प्रिटिंग के लिए 3 करोड़ खर्च करने की तैयारी

-43 लाख की लागत से खरीद रखी हैं 31 बिल प्रिंटिंग मशीनें

अजमेर डिस्कॉम में फिजूलखर्ची

By: bhupendra singh

Published: 12 Sep 2021, 09:49 PM IST

भूपेन्द्र सिंह

अजमेर. ऊर्जा मंत्री और बिजली कम्पनी के कत्र्ता-धत्र्ता जहां कम्पनियों का घाटा कम करने और फिजूल खर्ची रोकने की कवायद में जुटे हैं, वहीं अजमेर डिस्कॉम उनके प्रयासों को पलीता लगाने में जुटा है। डिस्कॉम की बिल प्रिंटिंग से जुड़ा ऐसा ही फिजूलखर्ची का मामला सामने आया है। निगम ने बिल प्रिंटिंग के लिए वर्ष 2012-13 में 15 तथा 2019 में 43 लाख रुपए की लागत से 31 मशीनें खरीद कर सभी सब डिवीजन में लगवाई थीं। लेकिन अब मशीनों से बिल प्रिंटिंग नहीं करा यह काम लाखों रुपए के ठेके पर दिया जा रहा है। उधर, बिल प्रिंटिंग मशीनें काम में नहीं लिए जाने से नाकारा पड़ी रह कर कबाड़ में तब्दील हो रही हैं। अब इन मशीनों से बिलिंग की प्रिंटिग न करवा कर यह काम लाखों रुपए के ठेके पर दिया जा रहा है।

3 करोड़ का अतिरिक्तआर्थिक भार

बिल प्रिन्टिंग कार्य ठेके पर देने के लिए अजमेर डिस्कॉम में 12 सर्किलों में प्रत्येक पर 28 से 30 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इस तरह डिस्कॉम पर करीब साढ़े 3 करोड़ रुपए का वित्तीय भार पड़ेगा।

तीन वर्ष तक मशीनों से छपाई,अब ठेका क्यों

डिस्कॉम के पास बिल प्रिंटिंग मशीनें आने के बाद 3 वर्ष तक स्वयं के स्तर पर ही बिल छापे गए परंतु अब मासिक बिलिंग के नाम पर बिल प्रिंटिंग के ठेके दिए जाकर करोड़ों रुपए का अपव्यय किया जा रहा है।

जिले में यहां लगी हैं बिल प्रिंटिंग मशीनें

अजमेर जिला सर्किल में वर्तमान में केकड़ी, नसीराबाद, किशनगढ़ और रूपनगढ़ में मशीनें मौजूद हैं। जिनसे बिल प्रिंटिंग का काम सुचारू रूप से किया जा रहा था। इसी तरह अजमेर सिटी सर्किल में भी 5 मशीनें लगी हैं। इन्हें अजमेर व ब्यावर सहित कई सब डिवीजनों में बिल प्रिंटिंग के लिए लगाया गया था। लेकिन अब बिलिंग प्रिंटिग का ठेका देने से यह मशीनें नाकारा साबित हो रही हैं।

27.81 लाख में जिले का ठेका

अधीक्षण अभियंता अजमेर जिला सर्किल शीशराम वर्मा टीएन 400 के तहत आदेश जारी कर बिल प्रिंटिंग के लिए सार टेक्नोलॉजी कंपनी को 27 लाख 81 हजार रुपए का ठेका 1.63 रुपये प्रति बिल के हिसाब से दिया है। अजमेर जिले में हर महीने 1 लाख 42 हजार 187 बिल छपते हैं।ं प्रतिवर्ष 17 लाख 6 हजार 244 बिल प्रिंट किए जाते हैं।

मंथली बिलिंग के नाम पर ठेके पर दिए ये काम

मंथली बिलिंग को अजमेर डिस्कॉम ने बंद कर दिया है, लेकिन इसके नाम पर कई कर्मचारियों को बिलिंग में लगा दिया गया। इसके साथ ही बिजली व्यवस्था सुचारू रखने के नाम पर एफआरटी,जीएसएस ऑपरेशन एवं मेंटीनेंस सहित बिल प्रिंटिंग आदि का ठेका भी दे दिया गया। अपे्रल माह से डिस्कॉम में फ्रेंचायजी क्षेत्रों को छोड़कर अन्य सभी जगह मंथली बिलिंग बंद कर दी गई लेकिन इसकी आड़ में दिए ठेके बंद नहीं किए गए। बिल प्रिंटिंग मशीनें होने के बावजूद बिल प्रिंटिंग का काम ठेके पर दिया जा रहा है।

इनका कहना है

बिल प्रिंंटिग कार्य ठेके पर देने का निर्णय मुख्यायल स्तर से ही हुआ है। मंथली बिलिंग बंद होने से जो कर्मचारी इस काम से हटाए गए हैं उन्हें सम्बन्धित सब डिवीजन में भेजा गया है।

शीशराम वर्मा,अधीक्षण अभियंता (अजमेर रूरल सर्किल) अजमेर डिस्कॉम

(इस सम्बन्ध में अजमेर डिस्कॉम के निदेशक वित्त एम.के.गोयल से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन वह फोन पर उपलब्ध नहीं हुए)

read more: स्मार्ट सिटी: केन्द्रीय जांच का डर नहीं, प्रोजेक्टों में खपा रहे जंगे लगे सरिए

bhupendra singh Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned