प्रजापिता ब्रह्मा नगरी पुष्कर में फिर से लौटेगी रौनक, मंदिर का पट 7 सितम्बर से खुलेगा

कोरोना के चलते चार माह से बंद ब्रह्मा मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुलेगा,सरकारी गाइड लाइन की करनी होगी पालना,प्रसाद व माला चढ़ाने पर रहेगी पाबंदी,पुष्कर सरोवर पूजन व सार्वजनिक धार्मिक समारोह को लेकर तस्वीर नहीं साफ,पर्यटन नगरी पुष्कर में अब आ सकेंगे विदेशी सैलानी,चूरू जिले में स्थित सालासर मंदिर के पट 1 नवम्बर तक रहेंगे बंद

By: suresh bharti

Published: 05 Sep 2020, 12:43 AM IST

ajmer अजमेर/पुष्कर. कोरोना महामारी के चलते विश्व विख्यात ब्रह्मा मंदिर चार माह से बंद था। जो अब 7 सितंबर को खुलेगा। इसके चलते आम श्रद्धालु प्रजापिता ब्रह्मा के दर्शन कर सकेंगे। पुष्कर स्थित ब्रह्मा मंदिर के बंद रहने से श्रद्धालुओं का आना बंद था। यहां के अन्य मंदिरों पर भी ताले लटके थे। केवल पुजारी ही नियमित पूजा-अर्चना कर रहे थे।

केन्द्र व राज्य सरकार की नई गाइड लाइन जारी होने के बाद प्रमुख धार्मिक स्थल आमजन के लिए खुल सकेंगे। इसके चलते प्रशासनिक अधिकारी मंदिर प्रबंध समितियों के साथ बैठक कर हालात पर चर्चा कर रहे हैं। ब्रह्मा मंदिर अस्थाई प्रबंध कमेटी के सचिव एवं पुष्कर उपखंड अधिकारी दिलीप सिंह राठौड़ के अध्यक्षता में प्रबंध कमेटी की बैठक आयोजित की गई।

तीन -चार बार सेनेटराइज कराना जरूरी

कमेटी के सचिव राठौड़ ने ब्रह्मा मंदिर जाकर जायजा लिया। यहां की व्यवस्थाएं देखी। पुजारी व कर्मचारियों से चर्चा कर 7 सितम्बर को मंदिर खोलने को लेकर राय बनी। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के मुंह पर मास्क लगाने व सोशल डिस्टेसिंग रखने के बाद ही मंदिर प्रवेश की अनुमति देने को कहा। साथ में मंदिर परिसर में दिन में तीन -चार बार सेनेटराइज कराना जरूरी बताया। उपखंड अधिकारी राठौड़ के अनुसार 7 सितम्बर को मंदिर खोलने के बारे में मंदिर प्रबंध समिति से चर्चा हुई है।

प्रसादी व माला चढ़ाने पर प्रतिबंध

श्रद्धालुओं को 2 गज की दूरी बनाते हुए ब्रह्मा मंदिर में प्रवेश करना होगा। मंदिर में प्रसाद चढ़ाने, घंट बजाने व पुष्प मालाए चढ़ाने पर पाबंदी रहेगी। मंदिर के बाहर पुष्प माला व प्रसाद नहीं बेचे जाएंगे। मंदिर में किसी प्रकार का अभिषेक नहीं होगा। गर्भगृह एवं बाहर घंटियां काम में नहीं ली जाएगी। इनको किसी वस्त्र से ढक दिया जाएगा।
लाइफ लाइन फिर से होगी आबाद

गौरतलब है कि पुष्कर के जगत पिता ब्रह्मा मंदिर केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग का घोषित स्मारक है। इसी विभाग के निर्देश पर मार्च महीने में कोरोना के प्रथम लॉकडाउन के साथ ही मंदिर में आम दर्शनार्थियों का प्रवेश बंद कर दिया गया था। तब से लेकर आज तक मंदिर में पुजारी नित्य कर्म पूजा-अर्चना का श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के लिए मुख्य द्वार के नीचे पहली सीडी पर लगाई एलईडी लगाई गई है। पुरोहितों की मानें तो मंदिर में दर्शन शुरू होने के साथ ही कई महीनों से थमी लाइफ लाइन फिर से आबाद हो सकेगी, लेकिन बाहरी दर्शनार्थियों की आवक बढऩे के बाद कोरोना के संक्रमण से इंकार नहीं किया जा सकता।

पुष्कर सरोवर में पूजा को लेकर असमंजस

पुष्कर सरोवर में पूजा-अर्चना को लेकर सरकार की ओर से कोई गाइड लाइन नहीं मिली है। कोरोना संक्रमण बढऩे को लेकर पुष्कर सरोवर के जल में श्रद्धालुओं का स्नान करना पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। घाटों पर पुलिस का पहरा लगा रहा। इससे पुरोहितों को आर्थिक रूप से नुकसान हो रहा था। हालंाकि मृतकों की अस्थियां पुष्कर सरोवर में विसर्जित की जा रही थी, लेकिन पूर्णिमा, अमावस व कई महत्वपूर्ण तिथियों पर पुष्कर सरोवर का धार्मिक स्नान वर्जित कर दिया गया था। ऐसे में घाटों पर सन्नाटा पसर गया था।

सरकार से नहीं मिली गाइड लाइन

ब्रह्मा मंदिर खोलने के सरकार निर्णय के बाद अब पुष्कर सरोवर में स्नान शुरू करने को लेकर कोई निर्देश नहीं मिले हंै। इस बारे में उपखंड अधिकारी राठोड़ ने बताया कि पुष्कर सरोवर भी एक धार्मिक स्थल है। यहां पर स्नान करने वालों को कोविड़ नियमों के तहत सोशल डिस्टेंस व अन्य सावधानियों की पालना जरूरी होगी, लेकिन स्नान को लेकर राज्य सरकार से अलग से कोई गाइड लाइन नहीं मिली है।

चार माह बाद चहल-पहल बढ़ेगी

वैसे तो पुष्कर में पर्यटकों की वजह से अधिक चहल-पहल रहती है जो चार माह से बंद थी। यहां की तमाम होटलें खाली पड़ी थी। धार्मिक व सामाजिक समारोह प्रतिबंधित होने से बारह माह आबाद रहने वाले पुष्कर में सन्नाटा पसरा हुआ था। चार माह बाद भी कोरोना संक्रमण से हालत खराब होने के बावजूद अब यहां फिर से यहां रौनक लौटने की उम्मीद है।

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सालासर मंदिर के पट 1 नवम्बर तक रहेंगे बंद

चूरू. वैसे प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थल 7 सितम्बर से खोले जा रहे हैं,लेकिन राज्य सरकार ने सभी जिला कलक्टर को जिले में कोरोना स्थिति को देखते हुए निर्णय लेने को कहा है। इसी के तहत चूरू जिला कलक्टर प्रदीप के गावंडे ने सालासर पहुंच वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

उनके साथ पुलिस अधीक्षक परिश देशमुख भी रहे। उन्होंने मंदिर प्रबंध समिति के पदाधिकारियों से मंदिर खोलने को लेकर तैयारियां पर चर्चा की। बैठक में गांवड़े ने पुजारी परिवार के समक्ष जिले व राजस्थान में बढ़ते कोरोना ग्राफ को देखते हुए मन्दिर को 1 नवम्बर तक बन्द रखने का निर्णय किया है। इसके बाद पुजारी परिवार ने जिला प्रशासन के इस प्रस्ताव पर एक नवंबर तक मंदिर बंद रखने की सहमति जता दी।

श्रद्धालुओं को सीमा पर रोंकेंगे

एसपी परिश देशमुख ने बताया कि 7 सितम्बर को मन्दिर खोलने को लेकर चर्चा हुई थी। ऐसे में कई यात्रियों में भ्रांति पैदा है। सात सितम्बर को सालासर आने वाले श्रद्धालुओं को जिले की सीमाओं पर रोका जाएगा। इधर, बालाजी मंदिर के पुजारी भंवरलाल पुजारी ने 1 नवंबर तक श्रद्धालुओं से घर में ही पूजा अर्चना करने की अपील की है।

suresh bharti Desk
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