BUDGET 2021: सीएम गहलोत हुए किशनगढ़ और रूपनगढ़ पर मेहरबान

यज्ञनारायण चिकित्सालय को क्रमोन्नत कर जिला चिकित्सालय बनाया जाएगा। रूपनगढ़ में कृषि उपज मंडी बनाई जाएगी।

By: raktim tiwari

Published: 19 Mar 2021, 08:41 AM IST

अजमेर.

जिले के किशनगढ़ स्थित यज्ञनारायण चिकित्सालय को क्रमोन्नत कर जिला चिकित्सालय बनाया जाएगा। रूपनगढ़ में कृषि उपज मंडी बनाई जाएगी। गुरुवार को वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान सीएम अशोक गहलोत ने जिले को यह सौगात दी।

सीएम गहलोत ने अजमेर जिले के लिए कई सौगात दी। उन्होंने बिजयनगर में राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय को राजकीय प्रवेशिका विद्यालय में क्रमोन्नत करने की घोषणा की। इससे विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। इसी तरह केकड़ी में खेल स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। इससे केकड़ी, सावर, सरवाड़ सहित आसपास के इलाकों की खेल प्रतिभाओं और विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और स्पर्धाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

किसानों को सहूलियत
रूपनगढ़ में कृषि उपज मंडी निर्माण की घोषणा की गई है। जिले में ब्यावर, किशनगढ़, केकड़ी, अजमेर सहित कई स्थानों पर कृषि उपज मंडियां हैं। रूपनगढ़ में मंडी बनने से सुरसुरा और आसपास के किसानों को उपज बेचने में सहूलियत होगी।

तीसरा जिला चिकित्सालय
सीएम ने केकड़ी के यज्ञनारायण अस्तपाल को क्रमोन्नत कर जिला चिकित्सालय का दर्जा देने की घोषणा की। ब्यावर, केकड़ी के बाद किशनगढ़ तीसरा जिला चिकित्सालय होगा। यहां चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ स्टाफ की बढ़ोतरी हो सकेगी।

सड़कों का होगा विस्तार
केकड़ी उपखंड में देवली-नसीराबाद रोड पर बाइपास निर्माण होगा। इसी तरह पुष्कर से गोविंदगढ़ वाया नांद स्टेट हाइवे की मरम्मत और सुदृढि़करण कार्य कराया जाएगा। बाइपास निर्माण और हाइवे की मरम्मत से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों आवाजाही में सहूलियत होगी।

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अजमेर. महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में कॉपियों के केंद्रीयकृत मूल्यांकन की 'रामपाल Óयोजना पर पानी फिर गया है। साल 2019 में पूरक परीक्षा में शिक्षकों को बुलाकर कॉपियां जंचवाने का प्रयोग हुआ था। इसके बाद 2020 कती मुख्य परीक्षाओं में इसकी शुरुआत होनी थी। लेकिन कोरोना संक्रमण से योजना परवान नहीं चढ़ सकी। इस साल भी फैसला होना मुश्किल है।

विश्वविद्यालय स्नातक और स्नातकोत्तर विषयों के नियमित और प्राइवेट विद्यार्थियों की पूरक और मुख्य परीक्षा कराता है। परीक्षा के बाद कॉपियों के सीलबंद बंडल विश्वविद्यालय पहुंचाए जाते हैं। यहां से गोपनीय-परीक्षा विभाग इन्हें परीक्षकों को जांचने भेजते हैं। परीक्षक जांच के बाद कॉपियां और गोपनीय लिफाफे में अवार्ड लिस्ट भेजते हैं। इससे कॉपियों की जांच, परिणाम तैयारी में देरी होती है।

raktim tiwari Reporting
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