एमडी के आदेशों के बावजूद नहीं चली बसें

despite MD's orders - आगरा मार्ग पर प्रतिदिन 6 फेरे हुए कम , रोडवेज की आय प्रभावित

रोडवेज के प्रबंध निदेशक के एक नवंबर से सभी स्थगित सेवाओं को शुरू करने के बावजूद स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के चलते लॉकडाउन के बाद राजाखेड़ा आगरा मार्ग पर 2 बसों का संचालन अब तक शुरू नहीं किया जा सका है। इससे आगरा जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर 6 चक्कर कम हो रहे हैं। जिससे इस मार्ग पर सफर करने वाले सैकड़ों यात्री प्रतिदिन तो परेशान हो ही रहे है, रोडवेज की आय भी प्रभावित हो रही है।

By: Dilip

Published: 17 Nov 2020, 11:03 PM IST

- आगरा मार्ग पर प्रतिदिन 6 फेरे हुए कम
- रोडवेज की आय प्रभावित

राजखेड़ा. रोडवेज के प्रबंध निदेशक के एक नवंबर से सभी स्थगित सेवाओं को शुरू करने के बावजूद स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के चलते लॉकडाउन के बाद राजाखेड़ा आगरा मार्ग पर 2 बसों का संचालन अब तक शुरू नहीं किया जा सका है। इससे आगरा जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर 6 चक्कर कम हो रहे हैं। जिससे इस मार्ग पर सफर करने वाले सैकड़ों यात्री प्रतिदिन तो परेशान हो ही रहे है, रोडवेज की आय भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय विधायक भी रोडवेज प्रबंधन से बातचीत कर चुके हैं।

क्या है प्रकरण
राजाखेड़ा आगरा मार्ग पर धौलपुर डिपो द्वारा बसें संचालित की जाती है, लेकिन कुछ माह पूर्व प्रबंधन ने बसोंं की संख्या में कटौती कर दी। जिसे पुन: बहाल करने की लंबी मांग के बाद भी आज तक पूरा नहीं किया गया है। जिसके चलते इस मार्ग पर अब डग्गेमार वाहन संचालित होकर रोडवेज के राजस्व को जमकर चूना लगा रहे हैं। वहीं यात्रियों को भी खतरनाक हालात में ऊंची कीमत चुकाकर यात्रा के लिए मजबूर हो रहे है।

व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित

राजाखेड़ा क्षेत्र 3 ओर से आगरा जिले से घिरा हुआ है। यहां के लोगों के अधिकांश सामाजिक संबंध भी आगरा जिले में ही है। ऐसे में आगरा जाने आने वालों की संख्या काफ ी बड़ी है। यहां का व्यापार भी 80 फीसदी तक आगरा मंडी से ही होता है। व्यापारी प्रतिदिन आगरा से अपडाउन करते हैं।
बसों की कमी के चलते उपलब्ध बसों में यात्रियों की औसत संख्या 50 से ऊपर ही बनी हुई है। एक परिचालक ने बताया कि बढ़े यात्री भार के चलते बसों में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना भी नहीं हो पा रही। वहीं आगरा की ओर से शाम 6.20 के बाद कोई बस राजाखेड़ा के लिए उप्लब्ध नहीं होने से वहांं खरीदारी करने जाने वाले व्यापारियों को भी खासी परेशानी होती है।

दवा व्यापारी मोनू जैन ने बताया कि मंडी करके लौटकर आते समय बस उपलब्ध न होने से या तो उन्हें डग्गेमार वाहनों में जान हथेली पर लेकर आना पड़ता है। वो भी दोगुनी कीमत पर या फिर महंगी टैक्सी किराए पर लेकर आना पड़ता है। जिससे व्यापार लागत में भी भारी इजाफा हो जाता है। ऐसे में उनके साथ अन्य व्यापारियों ने भी बसों का पुन: संचालन आरम्भ करने की मांग की है।
इनका कहना है

बसों की कमी के चलते भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अब तो आगरा मार्ग पर खाली समय मे निजी ऑटो संचालित हो रहे है, जो लोगों की मजवूरी का फायदा उठाकर 100 रुपए वसूल कर रहे है, जो सीधी लूट तो है ही। रोडवेज की आय में से भी सीधा नुकसान है।
निक्की शर्मा, व्यापारी

इनका कहना है

अगर रोडवेज के पास बस नहीं है या घाटा है तो पूरी सेवाओं को बंद कर दें, कम से कम कोई भरोसा तो नहीं रहेगा। साधन भी खुल के बाजार में आ जाएंगे।

शहीद खान, स्थानीय नागरिक, राजाखेड़ा।

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