प्रोपर्टी व्यवसाय की आड़ में फर्जी दस्तावेज बनाने का धंधा!

-शहर के कई प्रोपर्टी व्यवसायी का मिल लेखा-जोखा, पुलिस ने नारेली के ग्यारह भूखण्ड के 33 दस्तावेज किए जब्त, सबसे ज्यादा

By: manish Singh

Published: 10 Sep 2021, 02:42 AM IST

अजमेर. शहर में भू-कारोबार में बड़े स्तर पर बेनामी सम्पतियों की खरीद-फरोख्त और फर्जी दस्तावेज बनाकर बेचने का खेल सामने आया है। प्रकरण की अनुसंधान में जुटी अलवर गेट थाना पुलिस ने आरोपियों से बड़ी संख्या में इकरारनामे, वसीयत व मुख्तारनामा(पावर ऑफ अटॉर्नी) बरामद की। इसमें नारेली स्थित ग्यारह भूखण्ड के 33 दस्तावेज शामिल हैं। अब तक पुलिस की जांच में शहर के राजनेता, भू-कारोबारियों के नाम भी उजागर हुए हैं। पुलिस उनसे भी दस्तावेजों के संबंध में पड़ताल करेगी।अनुसंधान में जुटी अलवर थाना पुलिस ने केसरगंज चांदबावड़ी निवासी मनोज गुरबानी, कोटड़ा फ्लोरेन्स निवासी मनोज खण्डेलवाल, वैशालीनगर अभियंता नगर निवासी प्रकाश रामचन्दानी, पंचशील निवासी नीतू टेवानी से बुधवार को बेनामी सम्पतियों के इकरारनामे, वसीयत व मुख्तारनामे बरामद किए। इसमें सर्वाधिक प्रोपर्टी व्यवसायी कोटड़ा मनोज खंडेलवाल से बरामद हुए। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि खंडेलवाल के सम्पर्क में शहर के कई बड़े भू-कारोबारी सम्पर्क में है। खंडेलवाल जमीन की खरीद-फरोख्त से ज्यादा उनके दस्तावेज बनाने का काम बड़ी सहूलियत से करता है। ऐसे में शहर के भू-माफिया व कारोबारी उसके सम्पर्क में हैं। पुलिस को मनोज खंडेलवाल से बड़ी संख्या में बेनामी दस्तावेज मिले है। जिनकी पुलिस पड़ताल में जुटी है।

नारेली के ग्यारह भूखण्ड

पुलिस की पड़ताल में नारेली के ग्यारह भूखण्डों के 33 दस्तावेज यानी एक के तीन-तीन के सेट मिले। इसमें इकरारनामा और पावर समेत अन्य दस्तावेज शामिल है। इसके अलावा 20 से 25 भूखण्डों के दो-दो दस्तावेज मिले हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि मनोज गुरबानी ने बीसी संचालक प्रमोद गुप्ता के जेल जाने के बाद उससे ऋण लेकर गिरवी रखी गई बेनामी सम्पतियों को खंडेलवाल से मिलकर बेचने या तकाजे का धंधा शुरू कर लिया।

फीस के साथ मिलता था कमीशन!

पुलिस पड़ताल में सामने आया कि खंडेलवाल को बेनामी सम्पति के फर्जी दस्तावेज बनाने की फीस के साथ उसे बेचने पर अच्छा खासा कमीशन भी मिल जाता था। शहर के तमाम भू-माफिया व विवादित जमीन की खरीद-फरोख्त करने वाले भू-कारोबारी उसके सम्पर्क में थे।

फिर चर्चा में जाखड़!

प्रकरण में एकबारगी फिर एएसआई अनिल जाखड़ का नाम सामने आया है। जाखड़ फिलहाल अलवरगेट थाने पर तैनात है। पुलिस पड़ताल में जाखड़ की सम्पति गिरवी रखे जाने की बात सामने आई है लेकिन अब तक की जांच में ऐसा कोई दस्तावेज सामने नहीं आया है। जाखड़ पूर्व में खाईलैंड मार्केट स्थित करोड़ों की सम्पति के विवाद से सुर्खियों में रह चुके है। निलम्बन व बर्खास्तगी की कार्रवाई को अदालत में चुनौती देकर वापस लौटे है।

इनका कहना है...

गिरफ्तार आरोपियों से बड़ी संख्या में इकरारनामे, वसीयत, मुख्तारनामे बरामद किए है। प्रोपर्टी व्यवसायी मनोज खंडेलवाल से बड़ी संख्या में दस्तावेज मिले। पड़ताल में जमीन की खरीद-फरोख्त से ज्यादा उनके दस्तावेज बनवाने का काम करता है। बरामद दस्तावेज में कई बड़े नाम भी सामने आए है। जिनसे जरूरत पडऩे पर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

सुनिता गुर्जर, थानाप्रभारी, अलवर गेट

manish Singh Reporting
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