एएसआइ, कांस्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज, पुष्कर थानाधिकारी को क्लीन चिट

-एनडीपीएस एक्ट के आरोपी को गिरफ्तारी से बचाने के लिए 10 लाख की रिश्वत मांगने का मामला, एसीबी ने प्रारंभिक पड़ताल में पुष्कर थानाधिकारी की लिप्तता नहीं मानी

By: manish Singh

Published: 23 Jul 2021, 02:43 AM IST

अजमेर.

पुष्कर थाना पुलिस की ओर से एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तारी से बचाने के लिए दस लाख रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में जोधपुर आयुक्तालय के एएसआइ व अजमेर पुष्कर थाने के कांस्टेबल के खिलाफ एसीबी ने मामला दर्ज किया है। प्रकरण सामने आने के बाद एसीबी की जोधपुर विंग परिवाद की जांच कर रही थी। तब प्रकरण में फरार चल रहे आरोपी ने पुष्कर थानाधिकारी राजेश मीणा पर सिपाही के जरिए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। परिवाद की जांच में एसीबी ने थानाधिकारी राजेश मीणा को क्लीन चिट दी है।

एसीबी के डीजी बीएल सोनी ने बताया कि अभी तक की जांच में थानाधिकारी का रिश्वत मांगने के मामले में सीधी भूमिका सामने नहीं आई है। हालांकि पुष्कर थाने के कांस्टेबल सुनील पारीक और जोधपुर आयुक्तालय में करवड़ थाने के एएसआइ अमराराम के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है। एसीबी अनुसंधान में प्रकरण में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

गौरतलब है कि जोधपुर एसीबी ने इसी माह सत्यापन में एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तारी से बचाने के एवज में रिश्वत मांगने की पुष्टि की थी। लेकिन एसीबी ट्रेप फेल होने पर परिवाद दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा था।

यह है मामला

एसीबी के अनुसार मांगलियावास थाना पुलिस ने 2 माह पहले एक गाड़ी में मादक पदार्थ जब्त कर एक व्यक्ति को पकड़ा। एनडीपीएस एक्ट में दर्ज प्रकरण की जांच पुष्कर थानाधिकारी राजेश मीना को दी गई। जांच के दौरान जोधपुर में करवड़ के एक व्यक्ति की संदिग्ध भूमिका सामने आई थी। उसको प्रकरण में आरोपी नहीं बनाने की एवज में 10 लाख रुपए मांगने की शिकायत एसीबी जोधपुर से की गई। ब्यूरो ने सत्यापन कराया तो रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई लेकिन कार्रवाई की भनक लगने पर पुलिसकर्मी सचेत हो गए और ट्रेप नहीं हो सका। जोधपुर एसीबी ने पुष्कर थानाधिकारी राजेश मीना, कांस्टेबल सुनील पारीक व करवड़ थाने के एएसआइ अमराराम के खिलाफ जांच शुरू की थी।

बॉक्स

दो माह पहले पुष्कर थाने का कांस्टेबल सुनील पारीक करवड़ गया था। स्थानीय पुलिस की मदद से वह संदिग्ध व्यक्ति के घर गया लेकिन मोबाइल नम्बर देकर लौट आया। करवड़ थाने के एएसआइ ने उस युवक से सम्पर्क कर एनडीपीएस एक्ट के मामले में बचाने के नाम पर दस लाख मांगे। उसने एसीबी से शिकायत कर दी। इसके बाद एएसआई का 5 लाख रुपए मांगना सत्यापन में साबित हो गया। एसीबी ने युवक की कांस्टेबल से बात कराई तो उसने थानाधिकारी के लिए दस लाख मांगे। हालांकि थानाधिकारी ने मुलाकात में खुद को ईमानदार बताया। एसीबी ने भी प्रारंभिक पड़ताल में पुष्कर थानाप्रभारी की लिप्तता नहीं मानी।

manish Singh Reporting
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