घटना की जानकारी लगने पर सांसद राहुल कस्वा, विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, बसपा नेता मनोज न्यांगली धरने पर बैठे थे। जनप्रतिनिधियों की ओर से सीबीआई जांच की मांग की गई थी। परिजन ने शव लेने से इंकार कर दिया था। हालांकि कुछ शर्त मानने के बाद परिजन शव लेने को तैयार हो गए थे।