#CBSE Helpline: पढ़ाई में ज्यादा खर्च हो रहा नेट, कैसे पढ़ें दिनभर ...

दसवीं-बारहवीं के विद्यार्थी कर रहे विशेषज्ञों से संपर्क।

By: raktim tiwari

Updated: 10 Apr 2020, 09:37 AM IST

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

सीबीएसई की काउंसलिंग सेवा कोरोना लॉकडाउन में विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित हो रही है। दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थी विशेषज्ञ परीक्षा की तैयारी, कॅरियर, परीक्षा के दौरान खान-पान और अन्य सलाह लेने में जुटे हैं। बोर्ड के परिणाम आने के बाद भी जारी रहेगी।

बोर्ड प्रतिवर्ष विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग सेवा शुरू करता है। इसमें दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थी विषयों को लेकर तकनीकी समस्याएं, ग्यारहवीं में नए विषयों के चयन, कॅरियर परामर्श, उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और अन्य परामर्श शामिल होते हैं। इस बार भी 1 फरवरी से बोर्ड की काउंसलिंग सेवा जारी है।

Read More: हुकूमत की गाइडलाइन का पूरा पालन करते हुए इंसानियत को बचाने में भागीदार बनें: आबेदीन

विशेषज्ञों से ले रहे परामर्श

विद्यार्थियों को परीक्षा की योजनाबद्ध तैयार सहित तनाव और दबाव को कम करने जैसे परामर्श देने के लिए सीबीएसई ने विशेषज्ञों की सेवाएं ली हैं। काउंसलिंग सेवा कोरोना लॉकडाउन में काफी लाभदायक साबित हो रही है। विद्यार्थी मोबाइल, लैंडलाइन अथवा टोल फ्री नम्बर पर विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं। स्कूल के प्राचार्य शिक्षक, विशेषज्ञ और मनोविज्ञानी इससे जुड़े हैं।

Read More: #LOCKDOWN : अब खाद्य सामग्री वितरण की सेल्फी या फोटोग्राफी ली तो खैर नहीं

विद्यार्थी पूछ रहे रोचक प्रश्न....
-पेपर कैंसिल होने से पढ़ाई पर फोकस नहीं हो रहा, सीबीएसई कब कराएगा एग्जाम
-ऑनलाइन पढ़ाई में नेट ज्यादा खत्म हो रहा, दिनभर कैसे पढ़ें यह बताएं तरीका
-एन्ट्रेंस एग्जाम और बारहवीं के एग्जाम साथ हुए तो कैसे करेंगे तालमेल
-नया एकेडेमिक सेशन शुरू नहीं हुआ है, क्या कोर्स किए जाएंगे कम
-कॉलेज और यूनिवर्सिटी में कैसे मिलेंगे सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन
-बारहवीं के कई पेपर स्थगित हो चुके हैं, इनकी तैयारी के लिए बताएं टिप्स
-कॉपियों की चैकिंग और रिजल्ट में कितनी होगी देरी

Read More: #LOCKDOWNEFFECT : सूना पड़ा ख्वाजा का दर . .

कोर्स और एकेडेमिक कलैंडर पर चर्चा में जुटी यूजीसी

अजमेर. कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन को देखते हुए यूजीसी एकेडेमिक कलैंडर पर चर्चा में जुट गई है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने यूजीसी को केंद्रीय और राज्यों के विश्वविद्यालयों, आईआईटी-आईआईएम सहित अन्य संस्थानों में परीक्षा, पढ़ाई और अन्य पहलुओं पर विचार कर रिपोर्ट देने को कहा है।

कोरोना लॉकडाउन के कारण केंद्रीय और राज्यों के विश्वविद्यालयों, आईआईटी, आईआईएम, इंजीनियरिंग, मेडिकल और कई संस्थानों की सेमेस्टर और वार्षिक परीक्षाएं अटक गई हैं। विश्वविद्यालयों-कॉलेज में पढ़ाई भी नहीं हो रही। हालांकि यूजीसी के निर्देश पर ऑनलाइन कक्षाएं, ई-कंटेंट से पढ़ाई शुरू हुई है, लेकिन देश के ग्रामीण स्तर तक ऑनलाइन पढ़ाई की पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं।

raktim tiwari Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned