CBSE: देना होगा नवीं-ग्यारहवीं के स्टूडेंट्स को पास होने का मौका

स्कूल विद्यार्थियों की ऑनलाइन-ऑफलाइन अथवा विभिन्न नवाचार आधारित परीक्षा ले सकेंगी।

By: raktim tiwari

Published: 01 Jul 2020, 08:09 AM IST

अजमेर.

सीबीएसई से जुड़े स्कूल को नवीं और ग्यारहवीं के फेल हुए विद्यार्थियों को परीक्षा देकर प्रमोट करने का अवसर देना होगा। बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक ने कई स्कूल के इन्कार करने पर यह आदेश जारी किए हैं।

परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने आदेश में बताया कि नवीं और ग्यारहवीं के कई विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने बोर्ड को पत्र लिखा था। इसमें कोरोना संक्रमण के चलते नवीं-ग्यारहवीं में फेल हुए विद्यार्थियों को परीक्षा देकर प्रमोट करने का अवसर देने का आग्रह किया था। इस पर बोर्ड 13 मई को आदेश जारी किए थे। कई स्कूल इसकी पालना नहीं कर रहे हैं।

स्कूल दें विद्यार्थियों को अवसर
डॉ. भारद्वाज ने कहा कि कई स्कूल दिल्ली हाईकोर्ट में रुक्मणी देवी बनाम सीबीएसई याचिका को आधार बनाकर विद्यार्थियों को अवसर नहीं दे रहे हैं। इसकी शिकायतें बोर्ड तक पहुंची। बोर्ड ने साफ किया है, कि स्कूल को 13 मई को जारी आदेश की पालना करनी होगी। स्कूल विद्यार्थियों की ऑनलाइन/ऑफलाइन अथवा विभिन्न नवाचार आधारित परीक्षा ले सकेंगी।


देवशयन हुआ आरंभ, चार महीने तक शुभ कार्य वर्जित

अजमेर. शुभकार्यों पर बुधवार से रोक लग गई है। अब चार महीने तक देवशयन करेंगे। मान्यता अनुसार आगामी चार महीने तक विवाह, मुर्हूत और कार्यक्रम नहीं हो सकेंगे।
14 जनवरी को मकर संक्रांति से वैवाहिक और अन्य कार्यक्रमों की शुरुआत हुई थी। भड़ल्या नवमी यानि सोमवार तक लोगों ने वैवाहिक कार्यक्रम हुए। अब परम्परानुसार चार महीने देवशयन करेंगे। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्य वर्जित रहेंगे।

अब कार्तिक एकादशी से कार्यक्रम
बुधवार से देवशयन आरंभ हो गया। इस बार अधिक मास के चलते यह अवधि पांच महीने की होगी। कार्तिक माह में देवउठनी एकादशी से वापस शुभ कार्य प्रारम्भ होंगे। जैन धर्म के अनुसार इन्हें वर्षाकालीन चातुर्मास भी कहा जाता है। इस दौरान साधु-संत भी एक स्थान पर रहते हुए धार्मिक प्रवचन, अनुष्ठान और जाप करते हैं।

raktim tiwari Reporting
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