चंबल का जल स्तर खतरे के निशान से नीचे, प्रशासन सर्तक

केरोसीन, डीजल, पैट्रोल व खाद्य सामग्री का अतिरिक्त स्टॉक रखने के निर्देश

By: Dilip

Published: 26 Aug 2020, 11:07 PM IST

धौलपुर. चम्बल नदी में पार्वती, कोटा बैराज, पाली घाट, कालीसिंध एवं अन्य नदी नालों का पानी कम होने पर जलस्तर में बुधवार को कमी आई जिससे थोड़ी राहत महसूस हुई। वर्तमान में चम्बल नदी का जल स्तर खतरे के निशान से नीचे 127.10 गेज पर है लेकिन खतरा बरकरार है। पानी का वेग बढऩे या तेज बारिश होने पर आकस्मिक तौर पर कैचमेंट एरिया में पानी छोड़े जाने पर बाढ़ के हालात बन सकते हैं। जिला प्रशासन ने अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ के हालात से निपटने के लिए जिला कलक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रसद विभाग को कैरोसिन, पैट्रोल, डीजल, रसोई गैस की आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। जिले के समस्त पैट्रोल पम्प अनुज्ञाधारी ,गैस ऐजेंसी एवं कैरोसीन तेल थोक विक्रेता को डैड स्टॉक के अलावा प्रत्येक पेट्रोल पंप डीलर 2 हजार लीटर हाई स्पीड डीजल व एक हजार लीटर पेट्रोल रिजर्व स्टॉक रखने के निर्देश दिए। गैस एजेंसी को रसोई घरेलू गैस 50 सिलेंडर भरे हुए एवं प्रत्येक थोक कैरोसीन डीलर को 3 हजार लीटर नीला कैरोसीन तेल रिजर्व स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए है।पर्याप्त भंडारण रखने के दिए निर्देशप्रत्येक थोक हैडलिंग एजेंट,कैरोसीन थोक विक्रेता बाड़ी, धौलपुर के 6 के.एल कैरोसीन रिजर्व रखने तथा पेट्रोल पंप धारक एवं प्रत्येक गैस एजेंसी संचालक अपने कारोबार परिसर पर नीला कैरोसीन तेल,पेट्रोलियम उत्पादों एवं रसोई घरेलू गैस का पर्याप्त भंडारण रखने के निर्देश दिए गए हैं।

उचित मूल्य दुकानदारों को किया पाबंद

जिला रसद अधिकारी ने बताया कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए केरोसीन का उप आवंटन के लिए राजाखेड़ा क्षेत्र के उचित मूल्य दुकानदार, धौलपुर से मौरोली के आपूर्ति थोक विक्रेता को पाबन्द किया है। साथ ही बाड़ी में धीमरी, रूधेरा, कस्वानगर, कुदिन्ना, चिलाचौंद एवं सरमथुरा मदनपुर, झिरी के आपूर्ति थोक विक्रेता एसआरएम बाडी को स्टॉक रखने के निर्देश दिए। आदेशों की अवहेलना पर होगी कार्यवाहीआदेशों की अवहेलना करने पर दोषी व्यक्ति ,फर्म ,संस्था के विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 / 7 के तहत कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश 30 सितंबर तक प्रभावी रहेंगे ।क्षतिग्रस्त सडक़ों का मरम्मत कार्य जारीअधीक्षण अभियन्ता सार्वजनिक निर्माण विभाग ने बताया कि वर्तमान में बाढ की संभावना के चलते एवं अतिवृष्टि से वहाव के कारण सडक़ें क्षतिग्रस्त और सडक़ों के नीचे से कटाव जैसी स्थिति के उत्पन्न होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए बाढ ग्रस्त क्षेत्रों में सुचारू आवागमन के लिए राजस्व ग्रामों का चिन्हिकरण कर क्षतिग्रस्त सडक़ों की मरम्मत का कार्य जारी है।

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