CONGRESS: बाड़ाबंदी के बजाय डिनर डिप्लोमेसी पॉलिसी

टिकट वितरण में जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी से जूझ रही कांग्रेस में फिलहाल महापौर पद को लेकर मशक्कत नहीं दिख रही।

By: raktim tiwari

Published: 30 Jan 2021, 09:29 AM IST

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

अजमेर. नगर निगम चुनाव परिणाम से पहले गुटबाजी, टिकट वितरण में जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी से जूझ रही कांग्रेस में फिलहाल महापौर पद को लेकर मशक्कत नहीं दिख रही। भाजपा की तरह बाड़ाबंदी के बजाय नेताओं ने अपने समर्थित प्रत्याशियों को डिनर डिप्लोमेसी के तहत बुलाना शुरू किया है। कांग्रेस नेता हेमंत भाटी ने प्रत्याशियों को नानकी भवन में बुलाया। अन्य नेता भी शनिवार-रविवार को प्रत्याशियों को बुलाने की तैयारी में है।

कांग्रेस में टिकट वितरण, नामांकन और सिंबल वितरण में जिस तरह की स्थिति बनी उसके चलते धड़बंदी की स्थिति कायम है। शीर्ष स्तर पर शहर और देहात कांग्रेस सहित अन्य इकाइयां भंग हैं। इसके चलते पूर्व विधायक और स्थानीय नेताओं पर ही सबकुछ दारोमदार है। इससे सीएम गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा भी वाफिक हैं। पार्टी किसी कद्दावर नेता को महापौर चुनाव की जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है। इससे इतर शहर के कांग्रेसी नेताओं ने अपने समर्थित प्रत्याशियों को जुटाना शुरु कर दिया है।

नानकी भवन में जुटे प्रत्याशी
दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके कांग्रेस नेता हेमंत भाटी रणनीति के तहत सक्रिय हो गए। नानकी भवन में उनके समर्थिक प्रत्याशियों को 'चर्चा के लिए बुलाया गया। भाटी के करीबी युवाओं और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई। महापौर पद इस बार अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। लिहाजा अनुसूचित जाति की महिलाओं पर खास फोकस किया गया है।

जयपाल ने सम्भाला मोर्चा
पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल ने भी मोर्चा संभाल लिया है। जयपाल समर्थित कई महिलाएं-पुरुष चुनाव मैदान में उतरे हैं। लिहाजा उन्होंने भी प्रत्याशियों को संदेश भिजवा दिया है। उनके समर्थित प्रत्याशी शनिवार-रविवार को एकजुट होंगे।

बोर्ड बनाने का दावा
पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन का कहना है, कि कांग्रेस ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा है। निगम में कांग्रेस बोर्ड बनाएगी। पार्टी के शीर्ष और स्थानीय नेताओं की महापौर चुनाव को लेकर बैठक हुई है। इसके अनुसार रणनीति तय होगी।

गुटबाजी बढ़ा सकती है चिंता
चुनाव से पहले पर्यवेक्षकों ने स्थानीय नेताओं को एक जाजम पर लाने की बात कही थी। लेकिन गुटबाजी फिर भी कायम रही। इससे सीएम गहलोत और डोटासरा पूरी तरह वाकिफ हैं। लिहाजा पार्टी निगम चुनाव में जोखिम उठाना नहीं चाहती है। पार्टी किसी कद्दावर नेता को अजमेर में महापौर चुनाव की जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है। पार्टी के अंदरखाने इस पर चर्चा जारी है।

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