Corona effect: एडमिशन से एग्जाम और रिजल्ट तक सबकुछ होगा लेट.......

जुलाई में ऑफलाइन पढ़ाई कराना नहीं आसान। शुरुआत तीन महीने रहेगी संस्थानों की ज्यादा व्यस्तता।

By: raktim tiwari

Published: 13 Jun 2021, 08:18 AM IST

अजमेर.

देश के स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में सत्र 2021-22 के प्रवेश सहित परीक्षाओं-परिणाम आने तक लेटलतीफी चलेगी। ऑफलाइन के बजाय विद्यार्थी फिलहाल ' ऑनलाइन ही पढ़ेंगे। खासतौर पर संस्थानों को जुलाई से सितंबर तक परीक्षाएं, दाखिले और नतीजे निकालने पर विशेष देना ध्यान होगा। इसके अलावा कॉलेज और यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के वैक्सीनेशन पर भी नजर रखनी होगी।

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चलते बीती अप्रेल से स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी हैं। मॉडिफाइड अनलॉक 2.0 के बावजूद कैंपस में ऑफलाइन कक्षाएं स्थगित हैं। ऐसे में सत्र 2021-22 की शुरुआत में विलंब होना तय है। सर्वाधिक परेशाी नए प्रवेश और पिछले सत्र की परीक्षाओ और कक्षाओं के संचालन की हैं।

ऑनलाइन क्लास पर जोर
देश के सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों की ऑफलाइन क्लास मुश्किल हैं। विद्यार्थी फिलहाल संस्थानों और कक्षाओं से दूर हैं। सीबीएसई, आरबीएसई सहित यूनिवर्सिटी-कॉलेज में प्री. प्राइमरी से बारहवीं और स्नातक-स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है।

एक साल से ऑनलाइन अटेंडेंस
ऑफलाइन कक्षाओं में विद्यार्थियों की अटेंडेंस कक्षाओं में होती हैं। कुछ स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों को कार्ड से अटेंडेंस दर्ज करानी होती है। पिछले साल 25 मार्च से 19 मई तक लॉकडाउन रहा था। इसके बाद कई राज्यों में ऑफलाइन पढ़ाई दिसंबर-जनवरी में शुरू हुई। इस बार 14 अप्रेल से 1 जून तक लॉकडाउन रहा। शिक्षण संस्थानों का जोर ऑनलाइन अटेंडेंस पर रहा।

हाईकोर्ट ने जताई थी आपत्ति
बीते साल शांतनु शर्मा और अन्य की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने ऑनलाइन कक्षाओं पर आपत्ति जताई थी। हाईकोर्ट ने सरकार और शिक्षा विभाग से जवाब भी मांगा था। लेकिन केंद्र और राज्य सरकार ने कैंपस बंद होने का तर्क देकर ऑफलाइन कक्षाएं स्थगित रखी थी।

लाखों विद्यार्थियों ने किए हैं आवेदन
जेईई मेन तृतीय और चतुर्थ चरण, क्लैट, जेईई एडवांस, होटल मैनेजमेंट टेस्ट के लिए लाखों विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं। विद्यार्थी बी.टेक, बी.आर्किटेक्ट, बी. प्लानिंग, फाइव ईयर इंटीग्रेटेड लॉ सहित यूजी-पीजी के पासकोर्स और अन्य कोर्स में प्रवेश लेंगे। इनमें नीट के फॉर्म अभी भरे जाने बाकी हैं।

देश में ये हैं प्रमुख कोर्स की सीट
इंजीनियरिंग-27 लाख (आईआईटी, एनआईटी, राज्यों के इंजीनियरिंग और डिप्लोमा कॉलेज)
मेडिकल-1.5 लाख, डेंटल-1 लाख
मैनेजमेंट-92, 928 (आईआईएम और राज्यों के मैनेजमेंट कॉलेज)
लॉ-5 लाख 50 हजार (एनएलयू, केंद्रीय/राज्य स्तरीय विवि और कॉलेज)
स्नातक/स्नातकोत्तर कोर्स-7.5 करोड़ विद्यार्थी अध्ययनरत

दिखेंगे ये बदलाव
-कोर्स का 40 प्रतिशत भाग रखना होगा ई-कंटेंट रूप में
-जुलाई/अगस्त में संस्थान खुले तो बढ़ाने पडेंगे नए सेक्शन
-छात्र-छात्राओं को लम्बे समय तक पढ़ाना पड़ेगा ऑनलाइन
-ई-लेक्चर, वीडियो, ई-कंटेंट पर देना पड़ेगा खास ध्यान
-संस्थानों को बांटा जा सकता है सुबह-शाम की शिफ्ट में
-पढ़ाई के-शिक्षक मोबाइल या ई-मेल पर दे सकते हैं ऑनलाइन प्रोजेक्ट
-किताबों के असाइनमेंट ऑनलाइन

raktim tiwari Reporting
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