#Corona Effect: स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में दिखेंगे नए बदलाव

सत्र 2020-21 में शुरू करने होंगे कई नवाचार।

By: raktim tiwari

Published: 10 May 2020, 08:35 AM IST

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

सीबीएसई, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सहित देश के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में कई बदलाव दिखेंगे। पढ़ाई के अलावा इन्हें कामकाज का तरीका भी बदलना पड़ेगा। इनमें प्रार्थना सभा/एसेम्बली पर रोक, ऑड-ईवन फार्मूल से बच्चों की पढ़ाई जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं।

कोरोना वायरस संक्रमण के चलते स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ाई और परीक्षाएं ठप है। कहीं जून तो कहीं जुलाई में प्रवेश/वार्षिक परीक्षाएं होनी हैं। सत्र 2020-21 में शैक्षिक संस्थानों को जबरदस्त मेहनत करनी पड़ेगी।

परीक्षाओं से दिखेगा बदलाव...
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई की दसवीं-बारहवीं, देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेज में स्नातक और स्नातकोत्तर विषयों की सैद्धांतिक और प्रायोगिक परीक्षाएं फिलहाल स्थगित की गई हैं। नेट-जेआरएफ, नीट, इग्नू की पीएचडी, सीए-सीएस, जेईई मेन, जेईई एडवांस और अन्य परीक्षाएं जुलाई-अगस्त में होंगी। इन परीक्षाओं से ही बदलाव की शुरुआत हो जाएगी। सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने के कारण अतिरिक्त केंद्रों-संसाधनों और स्टाफ की जरूरत पड़ेगी।

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सत्र अगस्त या सितंबर से
यूजीसी द्वारा गठित प्रो.आर. सी. कुहाड़ कमेटी ने देश के सभी विश्वविद्यालयों में जुलाई के बजाय सितम्बर में सत्र 2020-21 शुरू करने की सिफारिश की है। वर्तमान की स्नातक और स्नातकोत्तर परीक्षा में देरी के कारण यह सुझाव दिया गया है।

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करने पड़ेंगे संस्थानों को यह अहम काम
-सभी कक्षाओं-वर्ग में विद्यार्थियों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग
-स्कूल बस, टेम्पो, वैन में सोशल डिस्टेंसिंग
-विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाई जाएं ऑड-ईवन फार्मूल पर
-कुछ माह तक सुबह की प्रार्थना सभा-एसेम्बली पर रोक
-सांस्कृतिक कार्यक्रम-वार्षिकोत्सव में सोशल डिस्टेंसिंग
-परिसर में सेनेटाइजर और मास्क की व्यवस्था
-ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया पर देना पड़ेगा ज्यादा जोर
-मेडिकल किट और थर्मल स्कैनर का इंतजाम

ये हैं प्रमुख कोर्स की सीट
इंजीनियरिंग-27 लाख (आईआईटी, एनआईटी, राज्यों के इंजीनियरिंग और डिप्लोमा कॉलेज)
मेडिकल-1.5 लाख, डेंटल-1 लाख
मैनेजमेंट-92, 928 (आईआईएम और राज्यों के मैनेजमेंट कॉलेज)
लॉ-5 लाख 20 हजार (एनएलयू, केंद्रीय/राज्य स्तरीय विवि और कॉलेज)


निश्चित तौर पर सभी संस्थाओं को कामकाज का तरीका बदलना पड़ेगा। पढ़ाई और परीक्षाओं-कार्यक्रमों में नए प्रयोग करने जरूरी होंगे।
प्रो. आर. पी. सिंह, कुलपति मदस विश्वविद्यालय
शैक्षिक कलैंडर में कई फेरबदल करने पड़ेंगे। कक्षाओं में पढ़ाई, परीक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग में भी नए तरीके अपनाएंगे।
डॉ. यू. एस. मोदानी, प्राचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज
लॉकडाउन और इसके बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है। क्लास में पढ़ाई, एसेम्बली और अन्य में बदलाव करना जरूरी होगा।
डॉ. अनन्त भटनागर, निदेशक द टर्निंग पॉइंट स्कूल

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raktim tiwari Reporting
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