रेलवे में दो साल से नौकरी का सपना टूटा,पहले महकमे की लेटलतीफी ने टाला, अब कोरोना ने छीना ‘निवाला ’

दो साल से अटकी है एक लाख ग्रुप-डी भर्ती और 35 हजार क्लर्क भर्ती, लिखित परीक्षा का कार्यक्रम भी तय नहीं,ढाई करोड़ अभ्यर्थियों का खत्म नहीं हो रहा इंतजार

By: suresh bharti

Updated: 14 May 2021, 12:37 AM IST

ajmer अजमेर. देश के लगभग ढाई करोड़ अभ्यर्थियों का रेलवे में नौकरी का सपना जल्द हकीकत में बदलने वाला नहीं दिख रहा। भर्ती प्रक्रिया को लेकर पहले रेलवे की लेटलतीफी ने एक साल बर्बाद कर दिया। उसके बाद कोरोना संक्रमण की वजह से एक वर्ष से ग्रुप-डी के लिए प्रारंभिक लिखित परीक्षा का कार्यक्रम तय नहीं हो पा रहा है। क्लर्क भर्ती के लिए भी दूसरे चरण की मुख्य लिखित परीक्षा कब होगी, फिलहाल कुछ तय नहीं है।

रेलवे में ग्रुप-डी के एक लाख 3 हजार 769 पद भर्ती के लिए अधिसूचना मार्च 2019 में जारी की गई थी। इसके साथ ही 35 हजार 277 क्लर्क पद पर भर्ती के लिए भी अधिसूचना जारी की गई थी। आवेदन प्रक्रिया तक सब ठीक -ठाक चलता रहा, लेकिन उसके बाद परीक्षा आयोजन को लेकर रेलवे भर्ती बोर्ड खामोश हो गया।

सवा करोड़ आवेदन

रेलवे में 35 हजार क्लर्क भर्ती के लिए पूरे देश में सवा करोड़ से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। रेलवे भर्ती बोर्ड ने आवेदन-पत्रों की जांच और प्रारंभिक लिखित परीक्षा कार्यक्रम तय करने में ही लंबा वक्त ले लिया। इसी दौरान मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण की वजह से सब कुछ ठप्प हो गया। आखिर क्लर्क भर्ती के लिए प्रारंभिक लिखित परीक्षा 28 दिसंबर 2020 से लेकर अप्रेल 2021 तक ली गई। इसके बाद एक बार फिर कोरोना ने भर्ती प्रक्रिया पर ब्रेक लगा दिए हैं। इस भर्ती के लिए दूसरे चरण की मुख्य लिखित परीक्षा ली जानी है।

ग्रुप-डी भर्ती भी अधर में

मार्च 2019 में एक लाख से अधिक ग्रुप डी पद के लिए तो अब तक प्रारंभिक लिखित परीक्षा का कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। इस भर्ती के लिए भी सवा करोड़ से अधिक अभ्यर्थी आवेदन कर चुके हैं। दो साल के लंबे इंतजार के बाद भी अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा का इंतजार है।

हालात सामान्य होने का इंतजार

ढाई करोड़ से अधिक अभ्यर्थियों को नौकरी के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। कोरोना संक्रमण की वजह से अनेक राज्यों में लगे लॉकडाउन की वजह से पूरे देश में एक साथ परीक्षाएं कराना असंभव है। खास बात यह है रेलवे भर्ती बोर्ड अधिकारी भी परीक्षाओं को लेकर आश्वस्त नहीं है। उनका मानना है कि भर्ती परीक्षा का कार्यक्रम रेलवे बोर्ड स्तर पर लिया जाएगा। लिहाजा जिस तरह के हालात है उसे देखते हुए लिखित परीक्षाओं का कार्यक्रम अगले कुछ माह में तय होना मुश्किल लग रहा है।

suresh bharti Desk
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