Covid-19: कोरोना वायरस स्टडी पढ़ेंगे स्टूडेंट्स, जल्द बनेगी कोर्स का हिस्सा

पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। विद्यार्थी और शोधार्थी भविष्य में वृहद अध्ययन कर सकेंगे।

By: raktim tiwari

Published: 24 Oct 2020, 08:44 PM IST

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

लाखों लोगों को संक्रमित करने वाला नोवल कोरोना वायरस देश के विश्वविद्यालयों-बोर्ड और स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। एड्स स्वाइन फ्लू और अन्य बीमारियों की तरह इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। विद्यार्थी और शोधार्थी भविष्य में वृहद अध्ययन कर सकेंगे।

चीन के वुहान शहर से शुरू हुए कोरोना वायरस से समूची दुनिया संक्रमित है। लाखों लोग जान गंवा चुके हैं। अमरीका, इटली, स्पेन, ईरान, भारत और अन्य देशों में हालात खराब हैं। कोरोना वायरस संक्रमण बचाव का टीका या दवा बनाने और केस स्टडी को लेकर विशेषज्ञ, शिक्षक और शोधार्थी अध्ययन में जुटे हैं। भारत में भी उच्च स्तरीय संस्थानों में कामकाज हो रहा है।

यूं बनते हैं देश में पाठ्यक्रम
देश में स्कूल, कॉलेज, केंद्रीय/राज्य स्तरीय यूनिवर्सिटी में पढऩे वाले विद्यार्थियों के लिए विषयवार पाठ्यक्रम निर्माण होते हैं। यह कार्य राष्ट्रीय स्तर पर एनसीईआरटी, यूजीसी करती है। जबकि राज्य स्तर पर एससीईआरटी, केंद्रीय/राज्य स्तरीय यूनिवर्सिटी की बोर्ड ऑफ स्टडीज पाठ्यक्रम बनाते हैं।

कोर्स में शामिल हैं रोग
-वायरस के पाठसीबीएसई और विभिन्न राज्यों के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से सम्बद्ध स्कूल में बायलॉजी के पाठ्यक्रमों में एड्स, मलेरिया, स्मॉल पॉक्स, स्वाइन फ्लू, हेपेटाइटिस-बी, हैजा, कोलेरा और अन्य रोग-वायरस के बारे में विद्यार्थी पढ़ते हैं। कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर भी यह पाठ्यक्रमों का हिस्सा हैं। शोधार्थी, शिक्षक, विशेषज्ञ इनमें शोधरत हैं।

कोरोना बन सकता है कोर्स का हिस्सा
विश्व स्वास्थ्य संगठन कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर चुका है। दुनिया भर में इस पर शोध जारी हैं। कोरोना संक्रमण से भारत भी प्रभावित है। इस महामारी पर वृहद अध्ययन और भविष्य में शोध की संभावनाएं हैं। लिहाजा मानव संसाधन विकास मंत्रालय इसे नियमित कोर्स का हिस्सा बनाने की तैयारी में है। एनसीईआरटी, सीबीएसई, यूजीसी और अन्य संस्थाओं के विशेषज्ञ कर दिया है।

फैक्ट फाइल...
राज्य स्तरीय यूनिवर्सिटी-800
केंद्रीय विश्वविद्यालय-47
कॉलेज-50 से 55 हजार (उच्च, तकनीकी, मेडिकल और अन्य)
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-23
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान-31
भारतीय प्रबंधन संस्थान-20
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी-23
देश मेंअध्ययनरत विद्यार्थी-36.7 करोड़ (स्कूल, कॉलेज-यूनिवर्सिटी)

Corona virus COVID-19 virus
raktim tiwari Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned