...दरगाह सुरक्षा के साथ बच्चों पर लुटा रही ममता

दरगाह सुरक्षा में तैनात हाड़ीरानी महिला बटालियन की महिला जवान

By: manish Singh

Published: 07 Sep 2021, 02:29 AM IST

मनीष कुमार सिंह

अजमेर.

मां एवं परिवार से बिछड़े बच्चों को अपनापन का अहसास कराना और उन मां-बाप तक बिछुड़े बच्चों को मिलवाना भी ना केवल ड्यूटी है बल्कि मानवीयता का अहम पहलु भी है। ड्यूटी भले ही दरगाह सुरक्षा में हों मगर उन बिछुड़े बच्चों की सुरक्षा का भी जिम्मा संभाल रही हैं। हाड़ी रानी बटालियन की महिला जवान। यह अपनों से बिछुड़े मासूम बच्चों को ममता लुटा रही हैं। कभी चंद घंटों तो कभी 24 घंटे तक बच्चों को संभालना पड़ता है।

दरगाह सुरक्षा में तैनात हाड़ीरानी महिला बटालियन की महिला जवान जायरीन व पर्यटकों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह ही निगरानी के साथ पुलिस से तालमेल बैठा परिजन को तलाशने में मदद करती है। बीते करीब छह साल से अहम किरदार निभाने वाली हाड़ीरानी महिला बटालियन की टुकड़ी दरगाह के व्यस्ततम समय में दो पारियों की सुरक्षा की कमान बखुबी निभा रही है। धार्मिक स्थल की ड्यूटी के साथ-साथ बटालियन की महिला कांस्टेबल मानवीय सरोकार निभाते हुए दरगाह की भीड़ में बिछडऩे वाले बच्चों की देखरेख भी कर रही है। उनकी बदौलत ही दरगाह में आने वाले जायरीन परिवार को बिछड़े बच्चे सकुशल मिल रहे हैं।

पुलिस के साथ तालमेल
थानाप्रभारी दलबीरसिंह ने आईजी(अजमेर रेंज) एस. सेंगाथिर के आवाज दो अभियान में बच्चों की सुरक्षा की लिहाज से की भीड़ में बिछडऩे वालों का विशेष ख्याल रखा जाता है। दरगाह थाना पुलिस के साथ तालमेल करते हुए बटालियन की महिला जवान दरगाह कमेटी के सहयोग से ना केवल बच्चों को खाने-पीने का ख्याल रखती है बल्कि परिवार से मिलवाने का प्रयास किया जाता है।

यूं होता है प्रयास

बिछड़े बच्चों को मिलाने के लिए वाट्सएप ग्रुप बना हुआ है। इसमें आरएसी की हाड़ीरानी बटालियन के साथ में अनुभवी हैडकांस्टेबल भी दरगाह प्रवेशद्वार पर सुरक्षा में तैनात है। वाट्सएप ग्रुप में बटालियन के साथ दरगाह थाना, दरगाह कमेटी, अंजुमन कमेटी और सीएलजी सदस्य शामिल हैं। ग्रुप में मैसेज व फोटो साझा किए जाते हैं। ताकि थाने, अंजुमन कमेटी व दरगाह कमेटी तक परिजन के पहुंचने पर बच्चे की तुरन्त पहचान हो सके। ज्यादा समय लगने पर बच्चों को दरगाह थाने में महिला डेस्क कर्मी रखती है।

दो पारी की जिम्मेदारी

दरगाह सुरक्षा में तीन पारी में चलती है। इसमें सुबह ८ से शाम ४ बजे पहली व शाम ४ से रात १२ बजे तक दूसरी पारी में सुरक्षा की जिम्मेदारी आरएसी हाड़ीरानी महिला बटालियन के जिम्मे है। दोनों पारी में २५ जवान में से १० से १२ महिला जवान प्रवेशद्वार पर तैनात रहती हैं। इसके बाद रात १२ से सुबह ८ बजे तक पुलिस लाइन का जाप्ता तैनात रहता है।

manish Singh Reporting
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