बजरी निकासी वाले रास्तों पर खोदे गहरे गड्ढे

प्रतिबंधित अवैध चंबल रेता के उत्खनन को रोकने के लिए पुलिस ने एक बार फिर रास्तों पर गड्ढे खोद दिए हैं। जिससे कुछ घंटों के लिए ही सही लगाम की उम्मीद जागी है। वहीं माफिया पुलिस को चुनौती देते हुए धड़ल्ले से बजरी निकालने में लगे हुए हैं।

By: Dilip

Published: 11 Sep 2021, 01:15 AM IST

राजाखेड़ा. प्रतिबंधित अवैध चंबल रेता के उत्खनन को रोकने के लिए पुलिस ने एक बार फिर रास्तों पर गड्ढे खोद दिए हैं। जिससे कुछ घंटों के लिए ही सही लगाम की उम्मीद जागी है। वहीं माफिया पुलिस को चुनौती देते हुए धड़ल्ले से बजरी निकालने में लगे हुए हैं। जिले के दिहौली थाना क्षेत्र स्थित चंबल नदी के घाटों से बजरी निकासी को लेकर शुक्रवार को पुलिस फिर से सक्रिय हो गई। एसपी केसर सिंह के निर्देश पर थाने की पुलिस ने जेसीबी की सहायता से चंबल के घाटों की ओर जाने वाले रास्तों को गहरा गड्ढा कर खुदवा दिया है। शुक्रवार सुबह थाना प्रभारी बीधाराम के नेतृत्व में पुलिस ने भूड़ा घाट और शंकर घाट की ओर से आने वाले बजरी से भरे ट्रैक्टर को रोकने के लिए बीच सडक़ पर गहरे गड्ढे खुदवा दिए हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि पूर्व में बंद किए गए रास्तों को छोडक़र माफियाओं में नए रास्ते बना लिए थे। जिन रास्तों को एसपी के निर्देश पर बंद कर दिया गया है। रास्ते बंद करने के साथ ही पुलिस का दल तैनात किया गया है। जिससे बजरी निकासी को रोका जा सके।इसलिए प्रतिबंधित है चंबल बजरी पूर्व में चंबल नदी से बजरी का बड़े पैमाने पर निकासी की जाती थी। एक दशक पूर्व घडिय़ाल अभयारण क्षेत्र घोषित किए जाने के बाद से ही सुप्रीम कोर्ट ने चंबल नदी से बजरी निकासी पर रोक लगा दी। बजरी निकासी पर रोक लगाए जाने के बाद भी माफिया राजाखेड़ा और दिहोली क्षेत्र के घाटों से बड़े स्तर पर बजरी की तस्करी करने में लगे हुए हैं।

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