राजस्थान की इस जेल में गुपचुप चल रहा खेल, जानकर आप रह जाएंगे हैरान

राजस्थान की इस जेल में गुपचुप चल रहा खेल, जानकर आप रह जाएंगे हैरान

raktim tiwari | Publish: Apr, 24 2019 08:14:00 AM (IST) Ajmer, Ajmer, Rajasthan, India

विचाराधीन बंदी पिता-पुत्र को धमकाया। बंदी की पत्नी दर्ज कराया मामला।

अजमेर.

सेंट्रल जेल अजमेर में बंदियों से वसूली का खेल फिर से शुरू हो गया है। पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। राजस्थान की सबसे सुरक्षित और बेहतरीन माने जाने वाली जेल के हाल खराब हो रहे हैं। हाल में विचाराधीन बंदी की पत्नी ने मामले में सिविल लाइंस थाना पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने दो जनों के खिलाफ मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।

पुलिस के अनुसार किशनगढ़ ढाणी पुरोहितान निवासी कांतादेवी पत्नी भैरूलाल रेगर ने शिकायत दी कि प्रार्थिया का पति भैरूलाल व पुत्र 15 माह से केन्द्रीय कारागृह में विचाराधीन बंदी है। उसके पति और पुत्र को सेन्ट्रल जेल अजमेर में सुविधा शुल्क वसूली के नाम पर डराया, धमकाया जा रहा है। उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है। आरोपियों ने धमकाकर उनसे रकम की मांग की। पीडि़ता ने रिपोर्ट में गार्ड जमादार और जेल कर्मचारी अजीत और योगेश के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया।

खाते में डलवाए 4 हजार

पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि आरोपी योगेश व अजीत ने जेल में विचाराधीन बंदी भैरूलाल, उसके पुत्र को धमकाकर वसूली के लिए राजी किया। उन्होंने पत्नी कांतादेवी को एक बैंक का खाता नम्बर दिया, जिसमें पीडि़ता ने चार हजार रुपए की रकम डाली। पुलिस बैंक खाता, आरोपी अजीत और योगेश की पड़ताल में जुटी है।

कौन हैं अजीत-योगेश

पुलिस जांच का विशेष है कि आखिर अजमेर सेन्ट्रल जेल में अजीत-योगेश कौन हैं? यह दोनों जेल में सजायाफ्ता बंदी हैं, जिन्हें जेल सेवा में लगाया गया है या जेल के कर्मचारी हैं। पुलिस अजीत व योगेश की कुंडली खंगालने में जुटी है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी कई बार अजमेर सेन्ट्रल जेल में चलने वाले वसूली के खेल को उजागर किया जा चुका है।

पत्रिका ने किया था उजागर

पत्रिका टीम ने 2 साल पहले अजमेर सेंट्रल जेल में बंदियों से होने वाले वसूली के खेल को स्टिंग ऑपरेशन के जरिए उजागर किया था। जेल के बाहर मीट शॉप से जेल के भीतर तक चलने वाली व्यवस्था उजागर होने पर जेल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए वसूली के खेल में शामिल छह बंदियों की जेल बदलकर वसूली के खेल पर अंकुश लगाया था।

विचाराधीन बंदी की पत्नी ने जरिए पुलिस अधीक्षक शिकायत दी है। मामले में प्रकरण दर्ज किया है। अनुसंधान किया जा रहा है। अनुसंधान के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
नरेन्द्र कुमार, थानाप्रभारी, सिविल लाइंस

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