scriptDepartment of emergency medicine will open soon, you will get relief | इमरजेंसी मेडिसिन विभाग जल्द खुलेगा, मिलेगी राहत | Patrika News

इमरजेंसी मेडिसिन विभाग जल्द खुलेगा, मिलेगी राहत

अस्पताल व मेडिकल कॉलेज का टीम ने किया निरीक्षण

अजमेर

Updated: April 24, 2022 02:38:45 pm

अजमेर. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग की कवायद तेज हो गई है। मेडिकल कॉलेज में जल्द मेडिसिन विभाग खुलेगा। इससे एक ही जगह गंभीर बीमारी के मरीजों को उपचार मिल सकेगा। इसके लिए नेशनल मेडिकल काउंसिल के निर्देशानुसार पर्याप्त सुविधाओं को लेकर जेएलएन अस्पताल एवं कॉलेज का निरीक्षण किया गया। जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में बैंगलूर की टीम में आए चिकित्साधिकारियों व अन्य ने इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कैज्युल्टी, कैजयुल्टी वार्ड के साथ नए आईसीयू आदि का भी निरीक्षण किया। मेेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ. वी.बी. सिंह के अनुसार टीम ने भौतिक संसाधनों के साथ उपलब्ध उपकरणों एवं अन्य संसाधन की जानकारी ली। इस दौरान एनेस्थिया विभाग से डॉ. अरविन्द खरे आदि साथ रहे। बाद में टीम ने कॉलेज प्रिंसीपल डॉ.सिंह, अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल जैन आदि से भी चर्चा की। टीम ने सुविधाओं को लेकर संतोष जताया।
इमरजेंसी मेडिसिन विभाग जल्द खुलेगा विभाग, मिलेगी राहत
इमरजेंसी मेडिसिन विभाग जल्द खुलेगा विभाग, मिलेगी राहत
नहीं भटकना पड़ेगा मरीज को लेकर इधर-उधर

इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के खुलने से अब मरीज को कैज्युल्टी से इधर-उधर अलग-अलग विभागों में लेकर भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में न्यूरो, काडियोलॉजी विभाग, मेडिसिन, सर्जरी सहित अन्य विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मौजूद रहेगी। कैज्युल्टी व ट्रोमा में आने वाली दुर्घटनाग्रस्त या आपात स्थित में तबियत खराब वाले मरीजों को एक ही जगह उपचार मिल सकेगा। वहीं पीजी की नई सीटें मिलने की भी उम्मीद है।
खेलते बच्चे की आंख में घुसा 15 सेमी का तार निकाला
वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नैनीवाल व टीम ने किया ऑपरेशन

अजमेर. रिमोट सेंसिंग वाली कार के साथ खेलना एक मासूम पर भारी पड़ गया। कार को चलाते समय अचानक रिमोट सेंसर का तार उछलकर उसकी आंख में घुस गया। परिजन तत्काल उसे जवाहर लाल नेहरू अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ संजीव नैनीवाल व टीम ने ऑपरेशन कर तार निकाला। गनीमत रही कि बच्चे की आंख बच गई।
जेएलएन अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नैनीवाल ने बताया कि शुक्रवार को हाथीखेड़ा निवासी ढाई वर्षीय बच्चे की आंख से करीब 15 सेमी लम्बा लोहे का तार ऑपरेशन कर निकाला गया। उन्होंने बताया कि घर में रिमोट सेंसिंग कार को बच्चा चला रहा था, अचानक सेंसिंग तार उछलकर बच्चे की आंख में घुुुुुुुुुुुुुुुुस गया। परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां डॉ. नैनीवाल के नेतृत्व में डॉ. अंकुर कुमार, डॉ, रघु, डॉ. आयुषी, डॉ. साक्षी ने ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद बालक को छुट्टी दे दी गई।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

मौसम अलर्ट: जल्द दस्तक देगा मानसून, राजस्थान के 7 जिलों में होगी बारिशइन 4 राशियों के लोग होते हैं सबसे ज्यादा बुद्धिमान, देखें क्या आपकी राशि भी है इसमें शामिलस्कूलों में तीन दिन की छुट्टी, जानिये क्यों बंद रहेंगे स्कूल, जारी हो गया आदेश1 जुलाई से बदल जाएगा इंदौरी खान-पान का तरीका, जानिये क्यों हो रहा है ये बड़ा बदलावNumerology: इस मूलांक वालों के पास धन की नहीं होती कमी, स्वभाव से होते हैं थोड़े घमंडीबुध जल्द अपनी स्वराशि मिथुन में करेंगे प्रवेश, जानें किन राशि वालों का होगा भाग्योदयमोदी सरकार ने एलपीजी गैस सिलेण्डर पर दिया चुपके से तगड़ा झटकाजयपुर में रात 8 बजते ही घर में आ जाते है 40-50 सांप, कमरे में दुबक जाता है परिवार

बड़ी खबरें

Maharashtra Political Crisis: खतरे में MVA सरकार! समर्थन वापस लेने की तैयारी में शिंदे खेमा, राज्यपाल से जल्द करेंगे संपर्क?Maharashtra Political Crisis: एकनाथ शिंदे की याचिका पर SC ने डिप्टी स्पीकर, महाराष्ट्र पुलिस और केंद्र को भेजा नोटिस, 5 दिन के भीतर जवाब मांगाMaharashtra Political Crisis: सुप्रीम कोर्ट से शिंदे खेमे को मिली राहत, अब 12 जुलाई तक दे सकते है डिप्टी स्पीकर के अयोग्यता नोटिस का जवाब"BJP से डर रही", तीस्ता की गिरफ़्तारी पर पिनाराई विजयन ने कांग्रेस की चुप्पी पर साधा निशानाअंबानी परिवार की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट कल करेगा सुनवाई, जानिए क्या है पूरा मामलाMumbai News Live Updates: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एकनाथ शिंदे ने कहा- यह बालासाहेब के हिंदुत्व और आनंद दिघे के विचारों की जीत हैMaharashtra Political Crisis: शिंदे खेमा काफी ताकतवर, उद्धव ठाकरे के लिए मुश्किल होगा दोबारा शिवसेना को खड़ा करनासचिन पायलट बोले-गहलोत मेरे पितातुल्य, उनकी बातों को अदरवाइज नहीं लेता
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.