छात्र से अश्लील चैटिंग व वीडियो प्रकरण-शिकायतों की विभागीय जांच शुरू, दर्ज किए बयान

आईपीएस मेहरड़ा ने दर्ज किए पीडि़त व ग्रामीणों व पुलिसकर्मियों के बयान

By: manish Singh

Published: 23 Sep 2021, 02:23 AM IST

अजमेर. नाबालिग छात्र से अश्लील चैटिंग व वीडियो कॉलिंग मामले से सुर्खियों में आया पीसांगन थाना भी अब जांच के दायरे में है। परिवादी प्रदीप कुमावत ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में पीसांगन थाने में कांस्टेबल विक्रमसिंह की पूर्व में शिकायत करने की बात कही है। एसपी जगदीशचन्द्र शर्मा के आदेश पर एएसपी सुमित मेहरड़ा ने प्रकरण में विभागीय जांच कर रहे हैं।

सहायक पुलिस अधीक्षक(अजमेर ग्रामीण) सुमित मेहरड़ा ने बुधवार को पीसांगन थाने में प्रकरण में पीडि़त रहे छात्रों और उनके परिजन के बयान दर्ज किए। उसके बाद देर रात तक थानाधिकारी प्रीति रत्नू समेत अन्य पुलिस स्टाफ के बयान भी दर्ज किए। छात्रों का आरोप था कि प्रकरण में उन्होंने थानाधिकारी प्रीति रत्नू को पूर्व में शिकायत दी गई थी लेकिन रत्नू ने उसको तवज्जो नहीं दी जबकि मामले में थानाधिकारी रत्नू का कहना है कि कांस्टेबल विक्रम सिंह के संबंध में शिकायत नहीं दी गई। जिस वह आलाधिकारी को कार्रवाई के लिए भेज सके। हालांकि मामले में आईपीएस मेहरड़ा आगामी दो दिन में विभागीय जांच रिपोर्ट एसपी शर्मा को सौंप देंगे।

कुमावत की शिकायतें निकली झूठी!

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पूर्व में दी गई शिकायतों को खंगाला गया तो प्रदीप कुमावत की ओर से 9 व 16 जुलाई को दो परिवाद दिए गए। पहला 9 जुलाई को आया जिसमें पीसांगन थानाधिकारी व एक अन्य सिपाही का व्यवहार व थाने में मान-सम्मान नहीं देने का आरोप लगाया। दूसरी शिकायत 16 जुलाई को की। इसमें थानाप्रभारी प्रीति रत्नू के जन्मदिन पर थाना क्षेत्र से दूर आयोजित पार्टी में केक काटने के दौरान मास्क ना लगाने की शिकायत की। परिवाद की जांच तत्कालीन सीओ अजमेर ग्रामीण पार्थ शर्मा को दी गई। शर्मा की जांच में दोनों शिकायतें निराधार करार दी है।

इनका कहना है...
प्रकरण में परिवादियों के बयान लिए जा रहे है। पीसांगन थानाप्रभारी व स्टाफ के भी बयान होंगे। बयानों के बाद ही निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। तीन दिन में जांच रिपोर्ट सौंपनी है।

सुमित मेहरड़ा, सहायक पुलिस अधीक्षक अजमेर ग्रामीण

सिपाही विक्रम सिंह के अनैतिक कृत्यों के संबंध में कार्यालय में पूर्व में कोई शिकायत नहीं आई। प्रदीप कुमावत की ओर से थानाधिकारी व एक अन्य सिपाही के व्यवहार को लेकर शिकायत थी। उसकी जांच सीओ ग्रामीण पार्थ शर्मा को दी गई थी।
किशनसिंह भाटी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजमेर ग्रामीण

पीसांगन थाने में शिकायत देने के बाद पावती देने का कोई प्रावधान ही नहीं है। छात्रों ने पूर्व में थानाधिकारी प्रीति रत्नू को शिकायत दी थी। थाने को कुछ सिपाही चला रहे हैं। मैने जो शिकायत दी थी उसकी जांच सीओ ग्रामीण को दी गई जबकि उस पार्टी में वो भी शामिल थे। ऐसे में जांच के नतीजे क्या होंगे अंदाजा लगाया जा सकता है।

प्रदीप कुमावत, सदस्य पीसांगन पंचायत समिति व शिकायतकर्ता

manish Singh Reporting
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