Dinesh MN: घूसकांड में जो भी शामिल उसके खिलाफ होगा एक्शन

एसीबी एडीजी दिनेश एम.एन. पहुंचे अजमेर। कहा घूसकांड में जो भी होगा दोषी उसके खिलाफ होगी कार्रवाई।

By: raktim tiwari

Published: 21 Apr 2021, 09:16 AM IST

अजमेर.

राजस्व मंडल घूसकांड को लेकर एसीबी विभिन्न पर्चियां, डायरी और वॉट्सचैप चैट की जांच में जुटी है। ब्यूरो की पांच सदस्यीय स्पेशल टीम दलाल सहित दोनों निलंबित सदस्यों के चैम्बर और घरों की जांच करेग। साक्ष्यों के आधार पर जिनकी घूसकांड में लिप्तता मिलेगी उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। यह बात एसीबी के एडीजी दिनेश एम.एन. ने पत्रकारों से बातचीत में कही।

उन्होंने कहा कि राजस्व मंडल घूसकांड में दोनों सदस्यों और दलाल को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ और जांच में मिली कई डायरी, पर्चियों के अलावा वॉट्सएप चैट को खंगाला जा रहा है। साक्ष्यों की जांच के आधार पर जिन-जिन व्यक्तियों की भूमिका सामने आएगी उनके खिलाफ एसीबी कार्रवाई करेगी।

स्टे-फैसले के अलग-अलग रेट
एडीजी दिनेश एम.एन. ने बताया कि राजस्व मंडल घूसकांड में गिरफ्तार दलाल और सदस्यों पर कई महीनों से नजर रखी गई थी। वे राजस्व मामलों के फैसलों में स्टे और आदेश के अलग-अलग पैसा लिया करते थे। उन्होंने कितने मामलों में फैसले और लेन-देन किया है, इसकी जांच जारी है।

साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई
मंडल अध्यक्ष और अन्य सदस्यों और सरकारी वकील की संलिप्तता के मामले में एडीजी ने कहा कि केवल मोबाइल रिकॉर्डर और चैटिंग में नाम लेने से किसी को आरोपी नहीं बनाया जा सकता है। एसीबी पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर ही कोई कदम उठाएगी। एसीबी ने राज स्व मंडल अध्यक्ष सहित अन्य सदस्यों के चैंबर की तलाशी ली है। इस मामले में जिसने भी गलत किया है, अथवा लेन-देन में भूमिका है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

स्पेशल टीम करेगी छानबीन
एडीजी ने कहा कि घूसकांड की जांच के लिए एडिशनल एसपी इंटेलीजेंस सी.पी.शर्मा के नेतृत्व में जयपुर के तीन और अजमेर के दो अफसरों की टीम बनाई गई है। यह टीम दलाल शशिकांत, सदस्य सुनील शर्मा और बी.एल. मेहरडा के चैम्बर और अजमेर स्थित आवासों की छानबीन करेगी। इनमें मिलने वाले साक्ष्यों को एफआईआर में दर्ज किया जाएगा।

1064 नंबर पर करें संपर्क
एडीजी दिनेश सहित अजमेर एसपी समीर कुमार सिंह ने एसीबी का टोल फ्री कंट्रोल नंबर 1064 का पोस्टर जारी किया। एडीजी ने कहा कि 1064 नंबर बिल्कुल पुलिस के 100 नंबर की तरह काम करेगा। इस पर एडिशनल एसपी की तैनाती की गई है। राज्य में कोई भी व्यक्ति हैल्पलाइन पर फोन कर भ्रष्टाचार मामलों की शिकायत कर सकता है। गम्भीर मामलों पर डीजी, एडीजी और उच्चाधिकारियों से बातचीत होगी। जबकि अन्य मामलों में संबंधित संभाग-जिलों के अधिकारियों को कार्रवाई के लिए कहा जाएगा। इसके अलावा ट्रेप मामलों में परिवादी से ली गई राशि भी तत्काल लौटाई जाएगी।

raktim tiwari Reporting
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