गच्चा देकर छिपता फिर रहा था नशे का कारोबारी मूंदड़ा,अजमेर पुलिस ने मेड़तासिटी की होटल में दबोचा

18 दिन से पुलिस कर रही थी आरोपी की तलाश, अलवर गेट व रामगंज थाने में दर्ज तीन मुकदमे,22 मई को जयपुर आयुक्तालय की सूचना पर पकड़ी थी पहली खेप

By: suresh bharti

Updated: 13 Jun 2021, 12:25 AM IST

ajmer अजमेर. नशे का कारोबारी श्याम सुंदर मूंदड़ा पुलिस की गिरफ्त से कब तक बचता। उसने 18 दिन तक कई ठिकाने बदले। पुलिस ने भी कई जगह दबिशें दी,लेकिन मूंदड़ा हाथ नहीं लगा। आखिर, पुलिस के मजबूत नेटवर्क के आगे मूंदड़ा की दाल नहीं गली।

अजमेर पुलिस ने पुख्ता सूचना के बाद उसे मेड़तासिटी स्थित एक होटल से धर-दबोचा। करोड़ों रुपए के नशीली दवा के अवैध कारोबार से जुड़े मेडिकल स्टोर संचालक मूंदड़ा को पुलिस की स्पेशल टीम ने पकड़ कर शनिवार सुबह गिरफ्तारी दर्ज की।

अदालत में पेश करने पर पुलिस ने उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया है। इस दौरान मूंदड़ा से उसके काले कारोबार की कुंडली खंगाली जाएगी। पुलिस की गिरफ्त में आया मूंदड़ा अब कानूनी शिकंजे में फंस गया है। पुलिस पूछताछ में उससे कई राज खुलने के आसार हैं।

शुक्रवार को हिरासत और शनिवार को को गिरफ्तारी

पुलिस अधीक्षक जगदीशचन्द्र शर्मा ने बताया कि बी. के. कौल नगर निवासी श्याम सुन्दर मूंदड़ा (43) को शुक्रवार देर रात मेड़ता सिटी से हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को शनिवार सुबह गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि मूंदड़ा की गिरफ्तारी के लिए दस दिन से जिला स्पेशल टीम, रामगंज थाना व अलवरगेट थाने की टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।

शुक्रवार सुबह जिला स्पेशल टीम के हैडकांस्टेबल मनोहर सिंह की सूचना पर हैडकांस्टेबल रणवीरसिंह व सिपाही रामबाबू के विशेष योगदान पर आरोपी को मेड़ता सिटी में दबोचा। कार्रवाई वृत्ताधिकारी (दक्षिण) मुकेश कुमार सोनी के नेतृत्व में अंजाम दी गई। पुलिस आरोपी से गहनता से पड़ताल में जुटी है।

मूंदड़ा के कारोबार को लेकर यूं चला घटनाक्रम

- एसपी शर्मा ने बताया कि 24 मई को जयपुर पुलिस आयुक्तालय की सूचना पर रामगंज थाना क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट कम्पनी के गोदाम से साढ़े 5 करोड़ रुपए कीमत की नशीली दवा बरामद की।
- पुलिस ने चौकीदार ककलाना निवासी मोमिन शाह व किशनगढ़ चीताखेड़ा निवासी कालूराम जाट को गिरफ्तार कर रामगंज थाने में एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज किया।

- जांच क्लॉक टावर थानाप्रभारी दिनेश कुमावत को दी गई जिसके बाद आईजी एस. सेंगाथिर के आदेश से सीओ (साउथ) मुकेश सोनी को सौंपी गई। -सीओ सोनी ने प्रकरण की जांच शुरू की। श्याम सुन्दर मूंदड़ा के गुर्गे शेख साजिद ने 28 मई को सरेंडर कर मूंदड़ा के लिए काम करना कबूला।
-एक जून को जिला स्पेशल टीम ने दो जगह कार्रवाई कर रामगंज थाना क्षेत्र की हरिजन बस्ती में मुकेश टांक को गिरफ्तार कर उसके घर से ढाई करोड़ की नशीली दवा पकड़ी।

-इसी तरह अलवर गेट थाना क्षेत्र में कमल कोली के धोलाभाटा स्थित किराए के कमरे से तीन करोड़ की नशीली दवा जब्त की।
-पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर रामगंज व अलवर गेट थानों में प्रकरण दर्ज किए। पकड़ी गई दवाइयां भी श्याम सुन्दर मूंदड़ा का निकली।

रैकेट पकड़ने वाली टीम

एसपी ने बताया कि करोड़ों की नशीली दवा के कारोबार का रैकेट पकड़े जाने में जिला स्पेशल टीम प्रभारी महावीर प्रसाद शर्मा,एएसआई जगमाल दायमा, हैडकांस्टेबल मनोहर सिंह, रणवीर सिंह, सिपाही रामबाबू ने कार्रवाई में विशेष योगदान दिया। कार्रवाई में रामगंज थानाप्रभारी सतेन्द्रसिंह नेगी, क्लॉक टावर थानाप्रभारी दिनेश कुमावत, अलवर गेट थानाप्रभारी सुनिता गुर्जर, रामगंज थाने का सिपाही संदीप कार्रवाई में शामिल रहे।

suresh bharti Desk
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