ई-रिक्शा चालकों को स्थाई लाइसेंस का इंतजार !

रूट के अनुसार बनने हैं लाइसेंस, सॉफ्टवेयर नहीं अपडेट
ई-रिक्शा चालकों हो रही परेशानी, पुलिस बना रही चालान

अजमेर में 650 के करीब है ई-रिक्शा की संख्या

By: himanshu dhawal

Published: 25 Aug 2020, 05:10 PM IST

हिमांशु धवल.

अजमेर. प्रदेश में ई-रिक्शा चालकों के पास स्थाई लाइसेंस नहीं होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन विभाग का तर्क है कि दिल्ली स्थित एनआईसी (नेशनल इनफोरमेंशन सेंटर) में सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने के कारण स्थाई लाइसेंस नहीं बन पा रहे। लेकिन इसका खामियाजा ई-रिक्शा चालकों को उठाना पड़ रहा है। स्थाई लाइसेंस नहीं होने के कारण उन्हें न केवल यातायात पुलिस कर्मियों के सवालों से दो-चार होना पड़ रहा है बल्कि कई बार रिक्शा जब्त किए जाने से आर्थिक संकट भी खड़ा हो जाता है। इसके बावजूद परिवहन विभाग इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा।

अजमेर शहर में करीब 650 ई-रिक्शा चल रहे हैं। परिवहन विभाग से ई-रिक्शा चालकों को पहले अस्थाई, फिर स्थाई लाइसेंस बनाने हैं। लेकिन वर्तमान में केवल अस्थाई लाइसेंस ही बन रहे हैं। ऐसे में वे लोग परेशान हैं जिन्हें अब स्थाई लाइसेंस की जरूरत है।

रिक्शा चालकों को हो रहा आर्थिक नुकसान

ई-रिक्शा डीलर वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि लाइसेंस सहित अन्य कमियां बताते हुए यातायात पुलिस 2-3 हजार तक का चालान बना देती है। चालान नहीं भरने की स्थिति में रिक्शा भी जब्त हो जाता है। इससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। कोरोना संक्रमण के चलते नाममात्र की कमाई हो रही है। ई-रिक्शा में से बैटरी चोरी की घटना भी बढ़ती जा रही है। बैटरी की कीमत भी हजारों रुपए में होती है।
फैक्ट फाइल

- 650 के करीब अजमेर में ई-रिक्शा
- 400 के करीब संचालित रोड पर

- 05 से अधिक के बन चुके चालान

रूट भी हो गए फाइनल

ई-रिक्शा चालकों के लाइसेंस पर निर्धारित रूट भी लिखा जाएगा। जयपुर परिवहन विभाग ने रूट फाइनल करके दिल्ली एनआईसी भेज दिए हैं, लेकिन अभी तक सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने के कारण वहां भी स्थाई लाइसेंस नहीं बन रहे हैं। अजमेर के परिवहन विभाग ने रूट तो फाइनल कर लिए हैं, लेकिन लिस्ट नहीं भेजी है।

इनका कहना है...

ई-रिक्शा चालक एलएमवी लाइसेंस से रिक्शा चला सकते हैं। अभी इनके लर्निंग लाइसेंस बन रहे हैं, लेकिन स्थाई लाइसेंस नहीं बन रहे हैं। इनके रूट फाइनल कर लिए हैं, लेकिन दिल्ली एनआईसी में सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने के कारण लाइसेंस नहीं बन रहे हंै। जयपुर में लाइसेंस बनना शुरू होते ही कुछ दिनों बाद यहां भी प्रारंभ हो जाएंगे।
- खेमसिंह, डीटीओ परिवहन विभाग अजमेर

himanshu dhawal Reporting
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