Efforts: हरियाली से जीतेंगे कोरोना को, मिलेंगे बरसात में प्लांट...

अजमेर वन मंडल की नर्सरियों में फल-पुष्प और छायादार पौधे तैयार किए जा रहे हैं। सरकार के जुलाई में आमजन का औषधीय पौधे बांटने के अभियान को देखते हुए तैयारियां शुरू हो गई हैं।

By: raktim tiwari

Published: 21 Apr 2021, 10:23 AM IST

अजमेर.

देश में कोरोना अपना कहर बरपा रहा है। राज्य में कफ्र्यू लागू है। लेकिन वन विभाग के धरती पर हरियाली फैलानी की गरज से अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। अजमेर वन मंडल की नर्सरियों में फल-पुष्प और छायादार पौधे तैयार किए जा रहे हैं। सरकार के जुलाई में आमजन का औषधीय पौधे बांटने के अभियान को देखते हुए तैयारियां शुरू हो गई हैं।

वन विभाग प्रतिवर्ष मानसून सक्रिय होने पर जिले में फलदार, छायादार और पुष्पीय पौधे लगाता है। यह कार्य स्वयं सेवी संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों, स्काउट-गाइड, सरकारी महकमों, शैक्षिक संस्थाओं के जरिए होता है। इसके लिए अजमेर, ब्यावर, खरवा, पुष्कर और अन्य नर्सरी में पौधे तैयार किए जाते हैं।

महिलाएं कर रहीं देखभाल
घूघरा घाटी स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती पौधशाला में पौधे तैयार किए जा रहे हैं। यहां विभाग के रेंजर, महिला कर्मचारी इन पौधों का बखूबी देखभाल कर रही हैं। महिला श्रमिक आमना, मनभर और बरधी देवी ने बताया कि छोटे और बड़े पौधों को रोजाना दो-तीन बार पानी देना, खाद और निराई-गुड़ाई करना इनकी दिनचर्या का हिस्सा है। बरसात तक पौधे तैयार हो जाएंगे।

यह पौधे हो रहे तैयार
छायादार-करंज, शीशम, अमलताश, नीम, बड़, सेमल, कचरना, गुलमोहर, अशोक, शीशम, गुलरपुष्पीय पौधे-गुलाब, चांदनी, चमेली, गुड़हल, नाग चम्पा, कनेर, बोगनवेलिया, रात रानी, क्रोटन, रेलियाफलदार-अमरूद, जामुन, सीताफल, अनार, इमली, गौंदा, फालसा, पपीता

पौधरोपण और वितरण
जिले में जुलाई से सितम्बर के दौरान मानसून की सक्रियता रहेगी। इसी दौरान वन विभाग विभिन्न इलाकों में पौधरोपण कराएगा। इनमें अजमेर सहित किशनगढ़, ब्यावर, केकड़ी, पुष्कर, किशनगढ़, नसीराबाद, सरवाड़, भिनाय और अन्य वन क्षेत्र शामिल है। इसके अलावा सरकार भी औषधीय पौधों के वितरण का अभियान चलाएगी। इसके चलते विभाग तैयारियों में जुट गया है।

raktim tiwari Reporting
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