Eid Mubarak: दरगाह में खुला जन्नती दरवाजा , नहीं हुई सामूहिक नमाज

मुस्लिम समुदाय मना रहा ईद-उल-अजहा पर्व। ईद-उल-अजहा के मौके पर ख्वाजा साहब की दरगाह स्थित जन्नती दरवाजा जियारत के खोला गया है।

By: raktim tiwari

Published: 21 Jul 2021, 09:47 AM IST

अजमेर.

अल्लाह की राह में कुर्बानी का त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) बुधवार को मनाई जा रही है। कोरोना संक्रमण के चलते ईद-उल-अजहा पर केसरंगज स्थित ईदगाह और मस्जिदों में सामूहिक नमाज नहीं हुई। वहीं ईद-उल-अजहा के मौके पर ख्वाजा साहब की दरगाह स्थित जन्नती दरवाजा जियारत के खोला गया है।

शहर काजी तौसीफ अहमद सिद्दीकी, दरगाह नाजिम अशफाक हुसैन, अंजुमन सचिव वाहिद हुसैन अंगारा शाह ने सभी अपील जारी कर ईदगाह व दरगाह स्थित मस्जिदों में नमाज नहीं होने की सूचना दी। उन्होंने घरों में ही नमाज अदा करने को कहा है।

खादिम सैयद कुतुबुद्दीन सखी ने बताया कि बकरीद के मौके पर ख्वाजा साहब की दरगाह में जन्नती दरवाजा तड़के 4 बजे खोला गया। यह दोपहर 2.30 बजे तक खुला रहेगा। इस दौरान जायरीन इस दरवाजे से गुजर कर जियारत कर सकेंगे। ऐसी मान्यता है कि जो लोग हज पर नहीं जा पाते वे यहां जन्नती दरवाजे से गुजर कर ख्वाजा साहब के मजार पर हाजिरी देते हैं।

पिछले साल से ठीक रही बकरामंडी में खरीदारी

ईद-उल-अजहा पर इस बार भी हालांकि कोरोना का असर रहा। लेकिन पिछले साल की तुलना में खरीदारी अच्छी रही है। बकरामंडी उपाध्यक्ष राजू कुरैशी ने बताया कि अजमेर के लोगों को बकरे आसानी से उपलब्ध हुए हैं। वहीं कुछ लोग बाहर से भी बकरे खरीदने के लिए यहां पहुंचे। हालांकि कोरोना के कारण आर्थिक स्थिति को देखते हुए जो लोग चार-चार बकरों की कुर्बानी देते थे, वे इस बार एक बकरे की ही कुर्बानी देंगे। इस कारण बकरों की खरीद-फरोख्त हमेशा के मुकाबले कम रही है।

raktim tiwari Reporting
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