बच्चों के पार्क में बड़ों ने कर दिया ‘खेल’

स्मार्ट सिटी के टेंडरों मे हो रही गड़बड़ी
चहेती फर्म को फायदा पहुंचाने का मामला

अब टेंडर करना पड़ा निरस्त
हरिभाऊ उपाध्याय नगर में चिल्ड्रेन पार्क निर्माण का मामला

By: bhupendra singh

Published: 22 Jun 2020, 08:06 AM IST

भूपेन्द्र सिंह

अजमेर.हरिभाऊ उपाध्याय नगर में प्राइवेट बस स्टैंड के सामने चिल्ड्रेन पार्क children's park निर्माण से पहले ही कारगुजारियां सामने आ गई हैं। पार्क निर्माण के लिए स्मार्ट सिटी smart city की ओर से पार्क लैंड स्केप और सांदर्यीकरण,ओपन स्पेस के कार्य के लिए मूल निविदा में जारी की गई थी लेकिन बाद में स्मार्ट सिटी द्वारा ओपन स्पेस के आगे चिल्डे्रन प्ले इक्यूपमेंट भी जोड़ दिया गया और संशोधन भी कर दिया गया। इस संसोधन की आड़ में बहुत सी फर्में निवादा से ही बाहर हो गई। इनता ही नहीं दूसरे संशोधन में तो मूल्याकन मापदंडों को ही बदल दिया गया। मूल निविदा में अराजकीय संगठनों व उपक्रमों में काम करने का प्रमाण पत्र संलग्न करने पर स्रोत पर कर की कटौती (टीडीएस) प्रमाण पत्र संलग्न करने की शर्त थी। जिसे विलोपित कर दिया गया और भाग लेने वाली फर्मों की आपत्तियां खारिज कर टेंडर निरस्त कर दिया गया। जबकि निविदा जारी करने से पूर्व ही सक्षम स्तर से अनुमोदित की जाती है। जिसमें मुख्य अभियंता स्तर तक के अभिंयताओं और पीएमसी जिनको परियोजनाओं में क्रियान्वनयन और गति देने का काम करना था लेकिन निविदों में ही बदलाव किया जा रहा है। यह मामला सीईओ और एसीईओ तक पहुंच गया है। स्मार्ट सिटी के चिल्डे्रन पार्क निर्माण के लिए टेंडर जनवरी में टेंडर जारी किए गए थे। निर्माण का 9 माह में पूरा करना था लेकिन अब यह मुश्किल नजर आ रहा है।

मुम्बई का दौरा कर आए अधिकारी
जानकारों की मानें तो कुछ महीने पहले एक अभिंयता व अधिकारी मुम्बई का दौरा कर आए थे। इसके लिए एक कम्पनी ने ‘व्यवस्था’ की थी। पूर्व के टेंडर प्रक्रिया में वह कम्पनी शामिल नहीं हो पाई। इसके बाद उसमें नए सिरे टेंडर की शर्ते तैयार की गई।

3 एकड़ में पार्क,7.30 करोड़ होंगे खर्च
चिल्ड्रेन पार्क के निर्माण पर 7.30 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। चिल्ड्रेन पार्क के लिए एडीए ने स्मार्ट सिटी को 3 एकड़ ओपन लैंड सौंपी है। पार्क में आकर्षक एंट्री प्वाइंट बनाया जाना है। इसमें म्यूजिकल फाउंटेन, झूले आदि लगाए जाएंगे। बच्चों के पसंदीदा कार्टून कैरेक्टर, स्कल्पचर, लगाए जाएंगे। बच्चों के खेलने के लिए जगह होगी। पार्क में अधिक ऑक्सीजन छोडऩे वाले पौधे भी लगाए जाएंगे। पार्क में बच्चों के साथ ही उनके माता-पिता व अन्य के लिए भी जोन बनाया जाना है।

इनका कहना है

हमारा सुझाव है कि टेंडर में एकरूपता रखी जाए है। व्यक्ति विशेष के लिए कोई चीज नहीं हो। बार-बार टेंडर निरस्त होने से प्रोजेक्ट में देरी होती है हमें भी परशानी का सामना करना पड़ता है।

आर.डी.खंडेलवाल,बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया,राजस्थान स्टेट,चेयरमैन

इनका कहना है
पार्क में करीब डेढ़ करोड़ के झूले भी लगाए जाने है। इसलिए झूले का अनुभव मांगते हुए बाद में झूले की शर्त जोड़ी गई थी। कोई भी फर्म क्वालीफाई नहीं कर पाई है। दोबार टेंडर करने पर यदि फर्मे नहीं आती हैं तो झूले की शर्त हटा दी जाएगी।

अविनाश शर्मा,अधीक्षण अभियंता, स्मार्ट सिटी अजमेर

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bhupendra singh Reporting
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