चुनाव आयोग की कड़ी नजरें, नहीं कर सकेंगे किसी पक्ष और विपक्ष में ये काम

चुनाव आयोग की कड़ी नजरें, नहीं कर सकेंगे किसी पक्ष और विपक्ष में ये काम

raktim tiwari | Publish: Nov, 09 2018 10:32:00 AM (IST) Ajmer, Rajasthan, India

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अजमेर.

निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव 2018 में पेड न्यूज पर पूरी तरह से नियंत्रण रखने के लिए विभिन्न प्रावधान किए हैं। आयोग का मानना है कि जनता को भ्रमित करने तथा किसी के पक्ष या विपक्ष में धारणा बनाने वाले समाचार पेड न्यूज कहलाएंगे। यह मतदाताओं पर अनुचित प्रभाव डालती हैं। साथ ही उनका मताधिकार का विवेक प्रभावित होता है।

निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि पेड न्यूज के प्रकरणों को चिन्हित कर उनकी समीक्षा करें व आयोग को भिजवाएं। इसके लिए राज्य व जिला स्तर पर मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है। यह समिति सभी समाचारों की समीक्षा करेगी कि समाचार कहीं विज्ञापन तो नहीं है।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलक्टर आरती डोगरा ने जिला स्तरीय मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया है जिसकी अध्यक्ष स्वयं जिला निर्वाचन अधिकारी है।

इसके अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शहर अशोक कुमार योगी को सदस्य एवं उप निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क महेश चंद्र शर्मा को सदस्य सचिव मनोनीत किया है। क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी अजमेर तथा प्रेस काउन्सिल ऑफ इंडिया के मनोनीत प्रतिनिधि को भी सदस्य बनाया है।

जिला स्तरीय समिति विधानसभा चुनाव में नियुक्त पर्यवेक्षक तथा संबंधित क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी द्वारा भेजे गए पेड न्यूज, प्रकरणों का परीक्षण तथा संदेहास्पद पेड न्यूज का परीक्षण कर उसे रिटर्निंग अधिकारी को भेजेगी जिसके आधार पर संबंधित रिटर्निंग अधिकारी संबंधित अभ्यर्थी को 96 घंटों में नोटिस देंगे।

अभ्यर्थी को 48 घंटे में जवाब देना होगा। जवाब पर जिला स्तरीय समिति निर्णय करेगी। अभ्यर्थी जिला स्तरीय समिति के निर्णय की अपील 48 घंटे में राज्य स्तरीय समिति को कर सकते हैं जिसके अध्यक्ष मुख्य निर्वाचन अधिकारी हैं।

राज्य स्तरीय समिति 96 घंटों में इसका निर्णय करेगी। अभ्यर्थी राज्य स्तरीय समिति के निर्णय की अपील चुनाव आयोग को 48 घंटे में कर सकता है जिसका निर्णय अन्तिम होगा। पेड न्यूज में प्रयुक्त राशि जो डीआईपीआर या डीएवीपी की स्वीकृत विज्ञापन दर के आधार पर आंकलन होगी और वह राशि संबंधित अभ्यर्थी के चुनावी खर्चे में सम्मिलित होगी। जिला या राज्य स्तरीय समिति द्वारा पेड न्यूज के निर्णित प्रकरण जिसे पेड न्यूज माना जाता है को भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा।

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