वसुंधरा राजे का था ये ड्रीम प्रोजेक्ट, खत्म नहीं हो रहीं इसकी मुसीबतें

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By: raktim tiwari

Published: 29 Mar 2019, 09:14 AM IST

अजमेर.

राज्य सरकार की बजट को पूरा करना अब अजमेर विकास प्राधिकरण को भारी पड़ रहा है। प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत अजमेर स्थित शैक्षणिक फिल्म लाइब्रेरी को विकसित करने एवं उच्च स्तर स्तरीय लाइब्रेरी की स्थापना पर दो करोड़ रुपए खर्च कर दिए। यह राशि पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा एडीए को दी जानी थी लेकिन अब तक केवल एक करोड़ रुपए ही पुरातत्व विभाग ने प्राधिकरण को दिए हैं।

अब शेष एक करोड़ देने से पुरातत्व विभाग आनाकानी कर रहा है। प्राधिकरण के कई पत्र लिखे जाने के बावजूद यह राशि अब तक प्राधिकरण को नहीं दी गई। अब प्राधिकरण ने यह बकाया राशि दिलाए जाने के लिए राज्य सरकार से गुहार लगाई है।

एडीए दे चुका है उपयोगिता प्रमाण पत्र

23 नवम्बर 2016 को कला साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की बैठक में शैक्षणिक फिल्म लाइब्रेरी को विकसित करने एवं उच्च स्तर पर की लाइब्रेरी स्थापना पर दो करोड़ रुपए के बजट स्वीकृत किया गया था। एक करोड़ की राशि प्राधिकरण को हस्तांतरित भी कर दी गई थी। प्राधिकरण ने कार्य पूरा करवाते हुए दो करोड़ रुपए का उपयोगिता प्रमाणपत्र भी भेजा जा चुका है। बकाया 1 करोड़ की राशि के लिए पत्र भी लिखे जा चुके हैं।

बकाया का प्रस्ताव ही नहीं भेजा

अब निदेशक पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने प्राधिकरण को पत्र लिखकर बताया कि पूर्व में प्रस्तावित 2 करोड़ रुपए में से वर्ष 2016-17 में प्रशासनिक विभाग द्वारा पुरातत्व विभाग के बजट मद के अन्तर्गत 1 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान कराया जाना था इस राशि का हस्तांन्तरण वर्ष 2016-17 में किया जाना शेष है। पुरातत्व विभाग के पत्र से स्पष्ट होता है कि शेष राशि के बजट प्रावधान कराए जाने के लिए प्रशासनिक विभाग से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। पुरातत्व विभाग ने वर्ष 2018-19 में शेष राशि के लिए कोई प्रस्ताव सरकार को नहीं भिजवाया है। प्राधिकरण ने मांग की है कि 23 नवम्बर 2016 को कला साहित्य संस्कृति एंव पुरातत्व विभाग द्वारा किए गए 2 करोड़ के बजट प्रावधान के अनुसार 1 करोड़ की बकाया राशि दिलाई जाए। इस मामले में एडीए आयुक्त निशांत जैन का कहना है कि मामले से यूडीएच को अवगत करवा दिया गया है। वहां से डिटेल मांग गई है।

प्राधिकरण ने संरक्षित की ऐतिहासिक फिल्में

बजट घोषणा 2016-17 में शैक्षिक प्रौद्योगिकी विभाग राजस्थान अजमेर में स्थित फिल्म लाइब्रेरी में उपलब्ध दुर्लभ एवं प्राचीन एतिहासिक फिल्मों को डिजिटलाइज्ड कर उच्च स्तर की फिल्म लाइब्रेरी की स्थापना व हेरिटेज के रूप में विकसित की गई है। ईटी सेट से नए स्थान अजमेर संग्रहालय के बाहरी हिस्से में बने भवन के भूतल एवं प्रथम तल से स्थानांतरित किया गया। यहां हॉल का निर्माण किया है। मिनी थिएटर बनाया गया है। फिल्म चलाने के लिए अलग से व्यवस्था है। पुरानी फोटो को सहेजते हुए फोटो गैलरी भी बनाई गई है। उच्च स्तर की फिल्म लाइब्रेरी की स्थापना के लिए प्राधिकरण ने फिल्म सिटी पुणे से भी मदद ली थी।

raktim tiwari Reporting
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