मुर्गियों की मौत पर पूर्व विधायक और अफसर में हाथापाई, गाली गलौज

पूर्व विधायक जयपाल बोले - गिरेबान पकड़ा, जातिसूचक शब्दों से किया अपमानित
पशु पालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अरोड़ा बोले - गला पकड़कर जड़ दिया थप्पड़

By: mukesh gour

Updated: 06 Apr 2020, 06:51 PM IST

अजमेर. मुर्गियां मरने के मामले में राष्ट्रीय अंडा समन्वय समिति (नेक) के अध्यक्ष पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल और पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अजय अरोड़ा के बीच रविवार को पशुपालन विभाग के कार्यालय में भिड़ंत हो गई। मामला हाथापाई और अपशब्दों के इस्तेमाल तक पहुंच गया। दोनों ने सिविल लाइंस थाने में परस्पर मुकदमे दर्ज कराए हैं। रिपोर्ट में डॉ. जयपाल ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप लगाया है। वहीं पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक अरोड़ा ने थप्पड़ मारने का आरोप लगाया है।

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यह लगाए आरोप
डॉ. जयपाल ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि इन दिनों मुर्गीदाना व आहार की समस्या से निरंतर मर रही मुर्गियों के मामले में समिति लगातार सरकार और जिला प्रशासन के संपर्क में है। सरकार ने मुर्गियों के दाने की उपलब्धता और मृत मुर्गियों के उचित निष्पादन के आदेश भी दिए हैं। इसी मामले में फकरे मोइन और कुलदीप कपूर के साथ वे पशुपालन विभाग गए। बातचीत के दौरान डॉ. अरोड़ा नाराज हो गए। उन्होंने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए बेवजह विभाग की शिकायत करने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज की और गिरेबान पकड़ कर कार्यालय से बाहर निकाल दिया।उधर संयुक्त निदेशक डॉ. अरोड़ा ने आरोप लगाया है कि जिला कलक्टर को भेजी गई रिपोर्ट पर चर्चा के लिए डॉ. राजकुमार जयपाल कुछ लोगों के साथ शास्त्री नगर स्थित कार्यालय आए और आते ही पूछा कि डॉ.अरोड़ा कौन है, उन्हें जब परिचय दिया तो बिना कुछ बात किए मेरा गला पकड़ लिया और थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद गाली गलौज करते हुए वहां से चले गए। अरोड़ा ने बताया कि घटना से जिला कलक्टर को अवगत कराया गया। उनके निर्देश पर मुकदमा दर्ज करवाया गया है।

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इनका कहना है
डॉ. जयपाल ने गलत शब्दों का इस्तेमाल करने और डॉ. अरोड़ा ने थप्पड़ जडऩे और अभद्रता की शिकायत दी है। मामले दर्ज कर छानबीन शुरू की गई है।
डॉ. रविश सामरिया, सिविल लाइंस थाना प्रभारी

जिले में दाने की कमी को लेकर मुर्गियां मर रही हैं लेकिन संयुक्त निदेशक ने प्रशासन को झूठी रिपोर्ट पेश की। प्रशासन को भी संयुक्त निदेशक के खिलाफ झूठी रिपोर्ट पेश करने का मुकदमा दर्ज करवाना चाहिए। इन हालात में पोल्ट्री व्यवसायी आत्महत्या करने को मजबूर है।
डॉ. राजकुमार जयपाल, पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता

पहले मुर्गियों के दाने-पानी की समस्या थी, अब दाना आने लग गया। हालांकि अंडा रुका हुआ है लॉकडाउन के कारण। इसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट जिला कलक्टर को भेजी गई है।
डॉ. अजय अरोड़ा, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग

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