EXAM: मेडिकल शिक्षा को मिलेंगे असिसटेंट प्रोफेसर, 11 अगस्त से परीक्षा

अजमेर जिला मुख्यालय पर 11 से 14 अगस्त तक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।

By: raktim tiwari

Published: 24 Jul 2020, 07:25 AM IST

अजमेर.

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने सहायक आचार्य (सुपर स्पेशलिटी) और सहायक आचार्य (ब्रॉड स्पेशलिटी) का परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। सचिव शुभम चौधरी के अनुसार चिकित्सा शिक्षा विभाग में 176 सहायक आचार्यों की भर्ती के लिए यह परीक्षा कराई जाएगी। अजमेर जिला मुख्यालय पर 11 से 14 अगस्त तक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।

यूं चलेगी परीक्षा (तिथि और समय आयोग के अनुसार)
11 अगस्त (ब्रॉड स्पेशलिटी) सुबह 9 से 12 बजे-एनेस्थेलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, कम्यूनिटी मेडिसिन, डर्मेटोलॉजी, वर्नोलॉजी एंड लेप्रोसी, जनरल सर्जरी, आब्सेट्रेक्टिस एन्ड गाइनोकोलॉजी, रेडियोडाइग्नोसिस, रेडियोलॉजिकल फिजिक्स, रेडियोथेरेपी, ट्यूबरक्लोसिस एंड पलमेनेरी मेडिसन
दोपहर 2 से 5 बजे-बायोफिजिक्स, जनरल मेडिसन, माइक्रोबायलॉजी, न्यूक्लीयर मेडिसन, ऑफ्थेमॉलोजी, ऑर्थोपेडिक्स, फार्मोकॉलोजी, फिजिकल मेडिसन एंड रिहेबीलिटेशन और साइकेट्री
13 अगस्त (सुपर स्पेशलिटी) सुबह 9 से 12 बजे-कार्डियोलॉजी, कार्डियो वेस्क्यूलर एंड थोराइक सर्जरी, एंडोक्राइनोलॉजी, मेडिकल गेस्ट्रोएन्ट्रोलॉजी
दोपहर 2 से 5 बजे- मेडिकल ऑनकॉलोजी, नियोनेटॉलोजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी
14 (सुपर स्पेशलिटी) सुबह 9 से 12 बजे-न्यूरो सर्जरी, पीडियाट्रिक सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, सर्जिकल ऑनकॉलोजी

आरएएस मुख्य परिणाम के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका

अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग के आरएएस मुख्य परीक्षा-2018 परिणाम से असंतुष्ट अभ्यर्थियों ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने आयोग सचिव और कार्मिक विभाग सचिव को नोटिस जारी कर 11 अगस्त तक जवाब पेश करने को कहा है।

आयोग ने 9 जुलाई को आरएएस मुख्य परीक्षा-2018 का परिणाम जारी किया था। आयोग ने टीएसपी में 57 और नॉन टीएसपी में 1053 अभ्यर्थियों को अस्थाई रूप से उत्तीर्ण किया है। अभ्यर्थियों की मानें तो पूर्व की परीक्षाओं में कुल पदों के तीन गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के उत्तीर्ण घोषित किया जाता था। लेकिन 2018 में 1.9 अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण किया गया है।

अभ्यर्थियों ने दायर की याचिका
मुख्य परीक्षा परिणाम को लेकर अनुराग और अन्य ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इनके अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने बताया कि याचिकाकर्ता ने विभागीय कोटे से परीक्षा में भाग लिया था। इस कोटे के पदों के लिए विभागीय अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण करना चाहिए था। जबकि सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों को भी इस कोटे में पास किया गया है।

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