अजमेर

Exposure-अपहरण का झूठा मुकदमा दर्ज करवा रकम ऐंठने वाले गिरोह का पर्दाफाश

उधार की रकम न लौटाकर षड्यंत्रपूर्वक अपहरण व डकैती का झूठी कहानी रचने के मामले में क्रिश्चियनगंज थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने झूठे मुकदमे में फरार युवक के बहनोई की रिपोर्ट पर ट्रेप की कार्रवाई करते हुए षड्यंत्रकारी समेत महिला, उसके पति व एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है।

अजमेरAug 17, 2019 / 01:33 am

manish Singh

Exposure-अपहरण का झूठा मुकदमा दर्ज करवा रकम ऐंठने वाले गिरोह का पर्दाफाश

हनी ट्रेप की तर्ज पर दी वारदात को अंजाम, मुख्य षड्यंत्रकारी महिला व उसके पति समेत चार को किया गिरफ्तार
अजमेर. उधार की रकम न लौटाकर षड्यंत्रपूर्वक अपहरण व डकैती का झूठी कहानी रचने के मामले में क्रिश्चियनगंज थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने झूठे मुकदमे में फरार युवक के बहनोई की रिपोर्ट पर ट्रेप की कार्रवाई करते हुए षड्यंत्रकारी समेत महिला, उसके पति व एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है। आरोपी झूठा मुकदमा दर्ज करवाकर उधार ली रकम, चेक, वैन के दस्तावेज के अलावा पन्द्रह लाख रुपए की वसूली का दबाव बना रहे थे।
थानाधिकारी दिनेश कुमावत ने बताया कि अपहरण व डकैती का झूठा मुकदमा दर्ज करवाने और अवैध वसूली करने के मालमे में श्रीनगर रोड फ्राजी कॉलोनी ई-520 निवासी धनदीप खींची उर्फ बंटी पुत्र रामदीन खींची, पुष्कर बड़ी होकरा निवासी रेखा उर्फ झमकू, उसके पति फूलचन्द रावत व दरगाह अन्दर कोट त्रिपोलिया गेट निवासी दिलदार उर्फ पारले को गिरफ्तार किया। अदालत ने रेखा उर्फ झमकू को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया जबकि तीनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ में जुटी है। पुलिस ने रेखा उर्फ झमकू और उसके पति फूलचन्द को 26 जुलाई को क्रिश्चियन गंज थाने में दर्ज करवाए झूठे मुकदमे में बयान बदलने के बाद गिरफ्तार कर लिया। थाने से इशारा मिलने पर 6 लाख रुपए लेने आए षड्यत्रकारी धनदीप उर्फ बंटी खींची व सहयोगी दिलदार को पुलिस टीम ने दबोचा। कार्रवाई में उपनिरीक्षक भवानीसिंह, हैडकांस्टेबल भगवानसिंह, तेजाराम, गोपालसिंह, सिपाही हरेन्द्र, सुमेरसिंह, राजकुमार, जगदीश, जगमाल, महिला कांस्टेबल हेमलता व नेराज शामिल थे।
सब कुछ सीसीटीवी में कैद

थानाप्रभारी दिनेश कुमावत ने बताया कि अपहरण, डकैती की झूठी वारदात अभय कमाण्ड सेंटर के सीसीटीवी में नजर आई। उन्होंने बताया कि 26 जुलाई की शाम को जब फूलचन्द व रेखा रावत वैन में जवाहर रंगमंच के पास से गुजर रहे थे तब विजय व उसके परिजन ने उनको देखा। उन्होंने वैन रोककर उधार दिए 3 लाख 85 हजार रुपए का तकाजा किया। फूलचन्द व रेखा को वैन से उतार विजय उसके साथ रामभवन तक आ गया। वहां फूलचन्द ने विजय व उसकी मां को कहा कि वह जल्द पैसे लौटा देगा। अभी वह उसकी वैन ले जाए। विजय, उसकी मां फूलचंद को उतार वैन लेकर घर आ गए। फिर फूलचन्द लौटकर रेखा से मिला। यहां पर धनदीप उर्फ बंटी व दिलदार को भी बुला लिया।
कर्ज माफी, दस लाख की डिमांड

षड्यंत्र के मुताबिक फूलचन्द को स्कूटर लेकर आए धनदीप व दिलदार साथ ले गए। रेखा क्रिश्चियन गंज थाने पहुंची। जहां उसने विजय और उसके परिजन के खिलाफ अपहरण व डकैती की गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज करवा दिया। फूलचंद की पत्नी रेखा पुलिस के उच्चाधिकारियों के समक्ष पेश होकर उसे ढूंढने का दबाव बनाने लगी। षड्यंत्र के मुताबिक धनदीप ने अपहरण, डकैती का प्रकरण दर्ज होने के बाद फरार हुए विजय के बहनोई (परिवादी) कैलाश गुर्जर से सम्पर्क किया। उसने विजय व उसके परिजन को बचाने के लिए फूलचन्द को दिए कर्ज माफी, उसकी ओर से दिए चेक, वैन के दस्तावेज के अलावा दस लाख रुपए देने का दबाव बनाया। बातचीत के बाद 10 की बजाय 6 लाख देना तय हुआ मगर कैलाश गुर्जर रकम देना नहीं चाहता था। उसने क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस के समक्ष घटनाक्रम बयान कर दिया। पुलिस ने आलाधिकारी को सूचित कर 15 अगस्त को गिरोह को ट्रेप करने की कार्रवाई को अंजाम दिया।
टॉय बैंक नोट का इस्तेमाल

पुलिस ने षड्यंत्र का पर्दाफाश करने के लिए छह लाख रुपए की रकम के इंतजाम की बजाय टॉय बैंक (बच्चों के खेलने वाले नोट) के नोट का इस्तेमाल किया। बच्चों के नोट के ऊपर-नीचे 500 के असली नोट लगाए। कैलाश गुर्जर को रकम देकर भेजा। कैलाश के रकम दिखाने पर बंटी ने स्टाम्प पेपर पर राजीनामा करवाने के बाद रेखा व उसके पति फूलचन्द रावत को थाने भेज दिया।
…कर्ज से परेशान होकर चला गया

फूलचन्द ने थाने पहुंच कर पत्नी रेखा की ओर से दी गई शिकायत वापस लेने की बात कही। उसने तर्क दिया कि कर्ज से परेशान होकर वह तीर्थ स्थल पर चला गया। उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया इससे पत्नी से भी सम्पर्क नहीं हो सका। वह लौटा तो उसे घटनाक्रम की जानकारी मिली। वह पत्नी की ओर से दी गई शिकायत वापस लेना चाहता है। इधर प्लान के मुताबिक पुलिस ने रेखा, फूलचन्द के बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग करने के बाद हिरासत में ले लिया। इशारा मिलते ही सादा वर्दी में तैनात पुलिस के जवानों ने धनदीप उर्फ बंटी व दिलदार को स्टाम्प पेपर समेत गिरफ्तार कर लिया।

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