गर्वनर पर टिकी हैं सबकी निगाहें, लेना ही पड़ेगा उन्हें यह अहम फैसला

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By: raktim tiwari

Published: 15 Nov 2018, 07:20 AM IST

अजमेर.

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति पर विचार-विमर्श शुरू हो गया है। कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह के कामकाज पर लगी रोक, चौतरफा किरकिरी के बाद राजभभवन और सरकार सक्रिय हुए हैं। जल्द किसी अन्य विश्वविद्यालय के कुलपति को अतिरिक्त दायित्व सौंपा जाएगा।

लक्ष्मीनारायण बैरवा की जनहित याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने बीती 11 अक्टूबर को महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह को नोटिस जारी कर कामकाज पर रोक लगाई थी। यह रोक 16 नवम्बर तक जारी है। इधर स्थाई अथवा कार्यवाहक कुलपति नहीं होने से विश्वविद्यालय का कामकाज चरमरा गया है। कई वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्य अटक गए हंैं।

.....लगाना पड़ेगा कार्यवाहक कुलपति

विधानसभा में संशोधित एक्ट के मुताबिक विश्वविद्यालय में 12 अक्टूबर से ही कुलपति का पद रिक्त है। संशोधित अधिनियम की धारा 9 (10) के तहत किसी विश्वविद्यालय के कुलपति पद की कोई स्थाई रिक्ति, मृत्यु, त्यागपत्र, हटाए जाने, निबंलन के कारण या अन्यथा होने पर राजभवन-सरकार को तत्काल वैकल्पिक इंतजाम करने जरूरी हैं। कुलपति प्रो. सिंह का मामला लगातार खिंचता जा रहा है। ऐसे में राजवन-सरकार पर अंगुलियां उठ रही हैं। संभवत: राजभवन किसी दूसरे विश्वविद्यालय के कुलपति को मदस विश्वविद्यालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप सकता है।

कुलपति के नामों पर विचार

अतिरिक्त जिम्मेदारी देने के लिए सरकार और राजभवन कुलपति के नामों पर विचार कर रहे हैं। इनमें राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. के. कोठारी, बांसवाड़ा के गोविंद गुरू जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.कैलाश सोडाणी, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भगीरथ सिंह, कोटा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा सिंह और अन्य शामिल हैं। इनमें से प्रो. सोडाणी फिलहाल विदेश में है। राजभवन जल्द किसी कुलपति को अतिरिक्त जिम्मेदारी देगा।

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raktim tiwari Reporting
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