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प्रशासनिक मंजूरी आए तो किसानों को मिले सौर ऊर्जा संयत्र, दो सौ आवेदकों को प्रतीक्षा

बागवानी विभाग के पास बजट का टोटा,ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भी किसान लाभान्वित होने से वंचित,कीमत भी नहीं हो रही तय
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अजमेर

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Suresh Bharti

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Updated: 3 Jan 2020, 12:25 AM IST

प्रशासनिक मंजूरी आए तो किसानों को मिले सौर ऊर्जा संयत्र, दो सौ आवेदकों को प्रतीक्षा

प्रशासनिक मंजूरी आए तो किसानों को मिले सौर ऊर्जा संयत्र, दो सौ आवेदकों को प्रतीक्षा

अजमेर. राज्य सरकार किसानों के कल्याण और सहायता के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं करती है। प्रचार के लिए भी लाखों रुपए खर्च कर देती है। दूसरी ओर हकीकत में किसानों को पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा। कभी बजट की कमी तो कभी प्रशासनिक लालफीताशाही इसमें बाधक बन रही है।

अजमेर जिले के लगभग २००० किसानों को सौर ऊर्जा संयत्रों का इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों ने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन तो किया है, लेकिन बागवानी विभाग की ओर से प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिल रही। इन संयत्रों की कीमत तय नहीं करने से अनुदान प्रक्रिया आगे भी नहीं बढ़ी। इससे किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा।

अनुदान देने का प्रावधान

सरकार की ओर से किसानों को 3, 5 और अब साढ़े सात हार्स पॉवर (एचपी) तक के सौर ऊर्जा संयत्रों के लिए अनुदान देने का प्रावधान है। पिछले वर्षों में ३ और ५ एचपी तक के सौर ऊर्जा संयत्र ही स्वीकृत किए जाते थे। वर्ष 2019 से 7.5 एचपी तक के सौर ऊर्जा संयत्र के लिए आवेदन लिए जाने लगे है, लेकिन अभी तक इनकी कीमत ही तय नहीं की जा सकी है।

इसके चलते अनुदान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। सरकार की ओर से सौर ऊर्जा संयत्र पर ६० प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इससे किसानों को कृषि कार्य में आसानी रहती है। साथ में बिजली बिल न्यूनतम रह जाता है। वहीं विद्युत निगम की ओर से की जाने वाली विद्युत आपूर्ति के भरोसे नहीं रहना पड़ता। अभी तक जिले में लगभग २००० किसान सौर ऊर्जा संयत्र के लिए आवेदन कर चुके हैं।

अभी तक कीमत तय नहीं

किसानों को सौर ऊर्जा संयत्र की प्रशासनिक स्वीकृति देने से पहले इनकी कीमत ही तय नहीं की जा सकी है। इनकी कीमत तय होने के बाद ही इनको प्रशासनिक स्वीकृति दी जा सकती है। इसके बाद ही किसानों को सौर ऊर्जा संयत्र के लिए अनुदान मिल सकेगा, तब तक किसान परेशान रहेंगे।

रात को बिजली आपूर्ति

सौर ऊर्जा संयत्र नहीं होने के चलते किसान विद्युत निगम की ओर से होने वाली विद्युत आपूर्ति पर निर्भर रहते है। किसानों को कई बार रात में विद्युत आपूर्ति होती है। इससे किसानों को सर्दी में परेशान होकर सिंचाई करनी पड़ती है। कई बार सुबह जल्दी के समय विद्युत आपूर्ति होने से भी तेज सर्दी के समय भी सिंचाई कार्य करना पड़ता है।