कोई नहीं रोक पाया अपने आंसू ये मंजर देखकर, जब एक ही परिवार के ससुर,दामाद व बेटी की एक साथ निकली अर्थी

कोई नहीं रोक पाया अपने आंसू ये मंजर देखकर, जब एक ही परिवार के ससुर,दामाद व बेटी की एक साथ निकली अर्थी

Sonam Ranawat | Publish: Apr, 17 2018 03:08:13 PM (IST) Ajmer, Rajasthan, India

ये मंजर जिसने देखा वो अपने आंसूओं को बहने से नहीं रोक पाया, कोसता रहा भगवान को यह कहकर कि ऐसी क्या गलती इनसे हुई

बिजयनगर. ये मंजर जिसने देखा वो अपने आंसूओं को बहने से नहीं रोक पाया, कोसता रहा भगवान को यह कहकर कि ऐसी क्या गलती इनसे हुई कि पूरा परिवार ही एक झटके में उजाड़ दिया। परिवार की खुशियां एक झटके में गम में बदल गई थी।

 

आसींद में आयोजित भक्ति संध्या में भाग लेकर बिजयनगर लौट रहे दो पुरुष सहित एक महिला की रविवार देर रात सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। सोमवार दोपहर बाद गमगीन माहौल में मृतकों का अंतिम दाह संस्कार किया गया। बिजयनगर के सथाना बाजार निवासी वीरेन्द्र सिंह पोखरना अपने श्वसुर पुखराज मण्डिया सहित अन्य परिजन के साथ आसीन्द में नाकोड़ा भैरव भक्ति संध्या कार्यक्रम में भाग लेकर कार से बिजयनगर लौट रहे थे।

 

इस दौरान गागेड़ा ग्राम के पास अचानक कार डिवाइडर से टकरा गई। दुर्घटना में कार में सवार वीरेन्द्र सिंह पोखरना, पुखराज मण्डिया तथा चार वर्षीया पुत्री जिनिशा की मौके पर ही मौत हो गई। कार सवार मृतक वीरेन्द्र के छोटे भाई अतुल सहित दो महिलाए गंभीर घायल हो गई। गुलाबपुरा चिकित्सालय में तीनों को मृत घोषित कर दिया। शेष घायलों को भीलवाड़ा रेफर किया गया। जानकारी मिलते ही बिजयनगर कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई।

 

शव देख फूटी रुलाई
दो परिवारों में तीन जनों की मौत के बाद पीडि़तों के घर मातम का मौहाल रहा। शव देखते ही परिजन व अन्य की रुलाई फूट पड़े। विलाप देख हर किसी के आंख से आंसू गिर पड़े। कई लोग हिचकियां लेकर रोते रहे। गुलाबपुरा चिकित्सालय में पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव को बिजयनगर लाया गया। गमगीन माहौल में अन्तिम संस्कार किया गया।

 

नैत्रदान कराया :

बिजयनगर निवासी वीरेन्द्र सिंह पोखरना व पुखराज मण्डिया के निधन के बाद जैन सोश्यल ग्रुप के पदािधकारियों के आग्रह पर मृतकों के परिजन ने साहस का परिचय देते हुए नैत्रदान की सहमति दी। नैत्र चिकित्सा टीम के सदस्यों ने नैत्र सृजित किए।

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