धार्मिक पुष्कर मेला : कोरोना के भय से श्रद्धालु नदारद,आखिरी पंचतीर्थ महास्नान सोमवार को

स बार पुष्कर में श्रद्धालुओं के जत्थे नजर नहीं आए,कोरोना के भय से कई परिवारों ने किया परहेज, सरोवर के घाटों पर संत-महात्मा ही आ रहे नजर

By: suresh bharti

Published: 30 Nov 2020, 12:39 AM IST

अजमेर/पुष्कर. भले ही विश्व प्रसिद्ध पुष्कर मेला इस साल परवान पर नहीं है। कोरोना के चलते जिला प्रशासन ने मेला आयोजन से हाथ खड़े कर दिए। साथ में किसी भी बड़े धार्मिक समारोह पर भी पाबंदी लगाई है। वैसे धार्मिक नगरी पुष्कर में सरकारी गाइडलाइन की पालना कर धार्मिक कार्यक्रमों की रस्म अदायगी जारी है। भले ही भीड़ नगण्य हैं,लेकिन श्रद्धा में कोई कमी नहीं है। कार्तिक पूर्णिमा तिथि को धार्मिक पुष्कर मेले का आखिरी पंचतीर्थ महास्नान होगा।

इसके चलते पिछले पांच दिनों से चल रहा धार्मिक पुष्कर मेले का समापन हो जाएगा। हालांकि कोरोना संक्रमण को लेकर बरती जा रही सावधानी के चलते इस बार प्रशासन स्तर पर पुष्कर मेला निरस्त कर दिया गया। पिछले पांच दिनों से धार्मिक पुष्कर मेले की रौनक फीकी रही है।

प्रशासन की पूरी तैयारियां

कार्तिक पूर्णिमा तिथि को इस धार्मिक मेले के आखिरी पंचतीर्थ महास्नान में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से चौकस है। मेलार्थियों की सुविधार्थ पुष्कर सरोवर के घाटों पर गहरे जल के संकेतक के रूप में लाल झंडिया लगाई गई है।

साथ ही मुख्य बाजार, सरोवर के घाट व मंदिरों में पर्याप्त पुलिस जाप्ता, एसडीआरएफ के जवान, होमगार्ड तैनात किए गए हैं। कार्तिक पूर्णिमा तिथि सोमवार प्रात: ब्रह्म मुहुर्त से ही पुष्कर सरोवर में डुबकी लगाने का क्रम शुरू हो जाएगा। घाटों पर स्नानार्थियों की सुविधार्थ गोताखोरों को सतर्क कर दिया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था माकूल

पुष्कर मेले को लेकर तीन सौ सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं। इनमें सिविल डिफेन्स, हाडीरानी बटालियन, आरएसी एसडीआरएफ, सहित होमगार्ड व थाना पुलिसकर्मी शामिल हैं।
द्विपुष्कर योग व मृग छाला स्नान मंगलवार को : पुष्कर में मार्गशीर्ष कृष्णा प्रतिपदा तिथी मंगलवार को द्विपुष्कर योग होगा साथ ही मृगछाला स्नान की परम्परा निभाई जाएगी।

पंडित कैलाशनाथ दाधीच के अनुसार धार्मिक पुष्कर मेले में पूर्णिमा तिथि सोमवार को महाकार्तिकी योग बन रहा है। वहीं मेला सम्पन्न होने के बाद मंगलवार शाम ४ बजकर ५१ मिनट से मृगशिरा नक्षत्र में द्वितीय तिथि आने से द्विपुष्कर योग बनेगा।

यह योग बुधवार प्रात: ७ बजकर ९ मिनट तक रहेगा। इस योग में पुष्कर सरोवर में स्नान करने का पौराणित महत्व है। वहींे प्रतिपदा तिथि को पुष्कर सरोवर में मृगछाला स्नान करना फलदायक है।

संतों ने किया 18 वां सूक्ष्म शाही स्नान

पुष्कर के मठ-मंदिरों के संतों, महंतों ने कार्तिक मास की ब्रह्म चतुर्दशी तिथि रविवार को पुष्कर जल का आचमन मार्जन कर १८वें सूक्ष्म शाही स्नान की परम्परा का निर्वहन किया। सैनाचार्य अचलानंद गिरी ने तीर्थपुरोहित से पुष्कर का पवित्र जल सैन पीठ में मंगवाया तथा छीेंटे लगाकर आचमन किया और शाही स्नान करने की परम्परा निभाई। इसी अवसर पर रामदेव बाबा मंदिर में पूजन आरती की गई। सांकेतिक शाही स्नान परम्परा में रामरमैया आश्रम में महंत प्रेमदास, सन्यास आश्रम से गणेशगिरी, चित्रकू  ट लहरानंद आश्रम के महंत श्यामा नंद, नारायण नंद, द्वारका से योगेशानंद, गुलाबदास आश्रम के साथ साथ सैन भक्तिपीठ से जुड़े शिष्य, हरिप्रसाद पाराशर, जगदीश कुर्डिया, सहित कई जने कोरोना गाइडलाइन की पालना करते हुए उपस्थित रहे। इस अवसर पर मास्क वितरित किए गए साथ ही भण्डारे का आयोजन भी हुआ।

suresh bharti Desk
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