लोगों को यूं ही दिख जाते पैंथर, वन विभाग के दावे हो रहे फेल

www.patrika.com/rajasthan-news

By: raktim tiwari

Published: 30 Dec 2018, 08:53 AM IST

अजमेर/ब्यावर.

भरकाला गांव में घुसे पैंथर की उम्र करीब चार साल बताई है। ऐसे में माना जा रहा है कि आस-पास क्षेत्र में और भी पैंथर हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि यह पैंथर राह भटककर गांव की ओर पहुंच गया। इस दौरान खतरे की आशंका के चलते पैंथर ने लोगों पर हमला कर दिया। गौरतलब है कि क्षेत्र में पूर्व में भी पैंथर देखे गए हैं और कई पैंथर पकड़े भी जा चुके हैं। साथ ही अरावली की पहाडिय़ां होने के कारण अभी भी यहां पर पैंथर होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

घायल दम्पती की हिम्मत को सराहा

पैंथर के हमले से भरकाला निवासी नवाज व उसकी पत्नी पुष्पा घायल हो गए, लेकिन न केवल उन्होंने अपने दोनों बच्चों को सकुशल बाहर निकाला, बल्कि दोनों ने हिम्मत दिखाते हुए पैंथर को कमरे में बंद कर दिया। वन विभाग की टीम सहित ग्रामीणों ने उन दोनों की हिम्मत की सराहना की। उनका कहना रहा कि अगर यह दोनों हिम्म्त नहीं दिखाते तो पैंथर के कारण बड़ा हादसा हो सकता था।

दहशत में भी पैंथर देखने की उत्सुकता
ग्राम में पैंथर के घुस जाने से दहशत का माहौल हो गया, लेकिन कमरे में बंद करने पर लोगों ने राहत की संास ली। वहीं पैंथर को देखने की ग्रामीणों में उत्सुकता नजर आई। आस-पास के घरों की छतों व दीवारों पर चढकऱ लोग बैठे देखे गए। जब पैंथर को वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया तो ग्रामीणों ने पिंजरे को घेर लिया और पैंथर को देखा।

किसकी मानें सच
वन विभाग हर साल वैशाख की पूर्णिमा पर वन्य जीवों की गणना कराता है। तालाब, झील और अन्य जलस्त्रोतों के पास मचान बनाई जाती है। वनकर्मी 24 घंटे तक ड्यूटी देते हैं। हैरानगी की बात है कि विभाग को पिछले पांच साल ब्यावर और आसपास के इलाकों में पैंथर नहीं दिख रहे। जबकि आम जनता को कई बार पैंथर दिख चुके हैं।

Show More
raktim tiwari Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned