29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Forest dept: जीव-जंतुओं की तस्करी और दवा कारोबार पर नजर

शहर में इतनी बड़ी तादाद में पहली बार इतने बिच्छू मिले हैं। विभाग अपने अधीनस्थ कार्यालयों से भी जानकारी मांगने की तैयारी में है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

raktim tiwari

•

Updated: 15 Aug 2019, 6:32 AM IST

illegal smuggling

illegal animals smuggling

अजमेर

वन विभाग बिच्छुओं सहित अन्य जीव-जंतुओं की अवैध तस्करी (smuggling), इनसे निर्मित दवाओं की प्रमाणिकता और अन्य बिन्दुओं के आधार पर जांच में जुटा है। विभाग को इसमें किसी बड़े नेटवर्क के शामिल होने की आशंका है।

वन विभाग ने 8 अगस्त को दरगाह इलाके में बिच्छू बाबा की दुकान (shop) पर छापा मारा था। यहां रेंजर मोहनलाल सामरिया और सुधीर माथुर के नेतृत्व में वन विभाग की टीम (dept team) को हजारों की तादाद में मरे हुए बिच्छू और इनके तेल (scorpion oil)से निर्मित दवाएं (medicine) मिली। इस दौरान दो जिंदा बिच्छू (scorpions) भी बरामद किए गए। इस मामले में बिच्छू बाबा की दुकान पर कामकाज करने वाले सलीम को 15 दिन की न्यायिक हिरासत (judicial custody) में भेजा गया है।

कहीं तस्करी तो नहीं..
हजारों की संख्या में मिले बिच्छुओं से वन विभाग को जीव-जंतुओं की अवैध तस्करी (smugglers) के संकेत मिले हैं। विभाग को कई बार घरों और रिहायशी इलाकों में कछुए (tortoise) मिल चुके हैं। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण इलाकों में मोरों (peacocks) का अवैध शिकार (hunting) हो रहा है। शहर में इतनी बड़ी तादाद में पहली बार इतने बिच्छू मिले हैं। विभाग अपने अधीनस्थ कार्यालयों से भी जानकारी मांगने की तैयारी में है।

कराया पोस्टमार्टम
विभाग ने मृत बिच्छुओं का पोस्टमार्टम (autopsy) कराया है। एक साथ तीन छुट्टियां होने से ऐसा नहीं हो पाया था। हाल में इनका पोस्टमार्टम कराया गया। विभाग ने नमूने लेकर फॉरेंसिंक लैब भेजे हैं। साथ ही बिच्छुओं को तय स्थान पर डिस्पोज (dispose) किया गया।

इलाके में संचालित है अवैध कारोबार

दरगाह को जोडऩे वाली तारागढ़ संपर्क सडक़, जालियान कब्रिस्तान और आमाबाव इलाके में मादक पदार्थों, जड़ी-बूटियों और शराब का अवैध कारोबार जारी है। पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के लोगों ने आसपास के पहाड़ी क्षेत्र में कब्जे कर झौंपडिय़ां-मकान बना लिए हैं। इसके अलावा शहरी इलाके में जयपुर रोड, कायड़, रामगंज और अन्य इलाकों में टेंट (tent) लगाकर विभिन्न जड़ी-बूटियां और देशी दवाएं (illegal medicine) बेची जा रही हैं।