scriptForgery in Teachers' Union Siyaram | शिक्षक संघ (सियाराम) में फर्जीवाड़ा, जाली हस्ताक्षरों से बदला संघ का नाम | Patrika News

शिक्षक संघ (सियाराम) में फर्जीवाड़ा, जाली हस्ताक्षरों से बदला संघ का नाम

आरोपियों में अजमेर की महिला शिक्षक नेता का भी नाम -इस्तगासे से सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज

अजमेर

Published: April 20, 2022 01:39:49 am

अजमेर.

प्रदेश में शिक्षकों के सबसे पुराने संगठन राजस्थान शिक्षक संघ(सियाराम) में आपसी मतभेद के बाद करोड़ों रुपए की वित्तीय अनियमितताओं व रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़े का मामला खुला है। संघ के कार्यकलापों से असंतुष्ट संघ के एक सदस्य ने मामले में सिविल लाइन थाने में संघ के प्रशासनिक प्रदेशाध्यक्ष व संरक्षक सियाराम शर्मा समेत 5 पदाधिकारियों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज बनाकर प्रदेश के शिक्षकों के साथ धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज करवाया है। कोर्ट इस्तगासे पर प्रकरण दर्जकर सिविल लाइन थाना पुलिस ने अनुसंधान शुरू कर दिया है।
शिक्षक संघ (सियाराम) में फर्जीवाड़ा, जाली हस्ताक्षरों से बदला संघ का नाम
शिक्षक संघ (सियाराम) में फर्जीवाड़ा, जाली हस्ताक्षरों से बदला संघ का नाम
पांच के खिलाफ नामजद मुकदमा

रामगंज न्यू गोविन्द नगर हाल पुलिस लाइन स्कूल में कार्यरत शिक्षक रमेश आचार्य ने कोर्ट इस्तगासे से सिविल लाइन थाने में राजस्थान शिक्षक संघ(सियाराम) के तत्कालीन व प्रशासनिक प्रदेशाध्यक्ष जयपुर दुर्गापुरा के सियाराम शर्मा, तत्कालीन महामंत्री भीलवाड़ा निवासी विरेन्द्र शर्मा, जयपुर गोपालपुरा हाल कोठपुतली नगर व तत्कालीन कोषाध्यक्ष बृजभूषण शर्मा, सवाईमाधोपुर गंगापुरसिटी हाल करौली गंगापुर सिटी गुढ़ा चन्द्राजी व तत्कालीन अध्यक्ष प्रारंभिक शिक्षा रामदयाल मीणा और प्रदेश संरक्षक हाथीभाटा-अजमेर निवासी सावित्री शर्मा के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज बनाकर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाया है।
करोड़ों का सदस्यता शुल्क किया हजम

रिपोर्ट में परिवादी ने बताया कि वह शिक्षा विभाग के विभिन्न संगठनों का सदस्य है। साल 2015 में राजस्थान शिक्षक संघ से जुड़ा तो तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष व संरक्षकों ने उसे संगठन में कार्य के लिए प्रोत्साहित करते हुए शिक्षकों के हितार्थ काम करने का आश्वासन दिया। वह सियाराम शर्मा को सालों से सदस्यता शुल्क 100 रुपए प्रति वर्ष जमा करवाता आ रहा है। उसे चंदा राशि अध्यापकों के हितार्थ खर्च करना बताया जाता रहा। संघ के पदाधिकारी आरोपी इसी तरह प्रदेशभर के लाखों शिक्षकों से सदस्यता शुल्क के रूप में करोड़ों रुपए जमा करते हैं।
चंदा राशि के दुरुपयोग

सियाराम शर्मा ने 21 जनवरी 2018 को उस सहित अन्य पदाधिकारी सुभाषचन्द भट्ट, मनोज कश्यप व बृजेन्द्र शर्मा को संघ के भिन्न-भिन्न पदों पर बताकर संघ की विशेष सभा आहूत कर उसके और अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षरों से एक पत्र जारी किया। इसमें शर्मा ने राजस्थान शिक्षक संघ को राजस्थान शिक्षक संघ(सियाराम) व 1998 से उक्त नाम का उपयोग किए जाने की जानकारी दी। उसे संदेह होने व शिक्षक संघ की चंदा राशि के दुरुपयोग की संभावना पर बात करने पर शर्मा उस पर भड़क गए। उसने सूचना के अधिकार में संघ की सूचनाएं मार्च 2022 में रजिस्ट्रार संस्था जयपुर से प्राप्त की तो सामने आया कि शर्मा ने षड्यंत्रपूर्वक शिक्षकों की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग किया है।
फर्जी हस्ताक्षरों सेे बदला नाम

उन्होंने बताया कि 1954-55 में राजस्थान शिक्षक संघ के नाम से सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट में 72/1954-55 में रजिस्टर्ड है। सियाराम शर्मा ने षडयंत्र रचकर स्वयं को लाभ पहुंचाने की मंशा से 10 जून 2018 को आमसभा की बैठक बुलाई। इसमें संस्था के नाम परिवर्तन का प्रस्ताव रखा। उसके फर्जी और कूटरचित हस्ताक्षर रमेश कुमार आचार्य के स्थान पर रमेश चन्द आचार्य कर दिए। इसी प्रकार अन्य पदाधिकारी मनोज कुमार कश्यप, सुभाष चन्द्र भट्ट, बृजेन्द्र कुमार शर्मा के फर्जी हस्ताक्षर कर बिना जानकारी के संघ का नाम राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम के नाम के कूटरचित व फर्जी दस्तावेज बना दिए।
शपथ-पत्र भी झूंठे

सियाराम, विरेन्द्र व बृजभूषण शर्मा ने 24 सितम्बर 2018 को झूठे शपथ-पत्र पर राजस्थान शिक्षक संघ(सियाराम) से रजिस्ट्रीकरण कराने की स्वीकृति दे दी। आरोपियों ने 16 सितम्बर 2018 को काल्पनिक आमसभा कर संघ का नाम राजस्थान शिक्षक संघ(सियाराम) का अनुमोदन कर दिया। इसमें भी उस सहित अन्य साथियों के जाली हस्ताक्षर किए गए।
. . .और उसी से बदलवाया संघ का नाम

मिथ्या शपथ पत्र भी रजिस्ट्रार संस्था एवं उपरजिस्ट्रार सहकारी संस्था जयपुर को 12 नवम्बर 2018 को पेश किया। इस पर 27 नवम्बर 2018 को संघ के नाम राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया।
षड़यंत्रपूर्वक बना लिया ट्रस्ट

आचार्य ने बताया कि सियाराम शर्मा ने राजस्थान शिक्षक संघ के नाम से उप रजिस्ट्रार सहकारी संस्था जयपुर से शिक्षा शोध संस्थान नाम से ट्रस्ट गठित कर राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के नाम से अध्यापकों से किए गए लाखों रूपए का निवेश निजी संस्थान में कर दिया। जबकि संघ का कोई सदस्य अपने संगठन में कल्याणकारी कार्य के लिए सदस्यता शुल्क देता है। लेकिन शर्मा ने सदस्यता शुल्क के लाखों रुपए ट्रस्ट में निवेश कर दिए। ट्रस्ट में सियाराम शर्मा मुख्य ट्रस्टी बन गए। उन्होंने षडयंत्र रचकर हजारों शिक्षकों के साथ धोखाघडी की। अपने फायदे के लिए कूटरतिच ट्रस्ट राजस्थान सियाराम शोध संस्थान बनाकर शिक्षकों के हक व अधिकार की राशि का दुरुपयोग किया।
इनका कहना है...

संगठन का नाम परिवर्तन प्रदेश कार्यकारिणी की ओर से गठित समिति के निर्णय व हस्ताक्षरों से किया गया। संगठन में 21 मार्च 21 तक सबकुछ ठीक था लेकिन कुछ लोगों के निष्कासन के बाद सब गलत लगने लगा। किसी भी तरह की अनियमितता नहीं की गई है। भवन ट्रस्ट का है और उसमे संचालित कार्यालय के रखरखाव का खर्च संघ उठाता है।
सियाराम शर्मा, प्रशासनिक अध्यक्ष व संरक्षक राजस्थान शिक्षक संघ(सियाराम)

तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष बृजेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में गठित समिति के निर्णय व हस्ताक्षर से संघ का नाम परिवर्तन किया है। यह काम किसी अकेले व्यक्ति का नहीं है। वित्तीय अनियमितता के मामले में हर साल ऑडिट होती है।
शक्तिसिंह गौड़, कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष राजस्थान शिक्षक संघ(सियाराम)

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