हजारों स्टूडेंट्स के मतलब की खबर, फ्री में मिलेगी इंजीनियरिंग और मेडिकल की कोचिंग

कॉलेज, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग और स्कूल के सेवारत और सेवानिवृत्त शिक्षक व्याख्यान देंगे।

By: raktim tiwari

Published: 12 Nov 2017, 08:16 AM IST

रक्तिम तिवारी/अजमेर।

इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को नि:शुल्क कोचिंग मिलेगी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग इसकी शुरुआत करेगा। कॉलेज, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग और स्कूल के सेवारत और सेवानिवृत्त शिक्षक व्याख्यान देंगे। इसके लिए विशेषज्ञों के पैनल तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई। जल्द विशेषज्ञों के लेक्चर तैयार कर कोचिंग की प्रक्रिया शुरू होगी।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों में प्रवेश के लिए नि:शुल्क कोचिंग की शुरूआत करेगा। इसके लिए उपग्रह संचार (सेटकॉम) का सहारा लिया जाएगा। इंदिरा गांधी पंचायती राज विभाग में स्थापित स्टूडियो से विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। व्याख्यान का प्रसारण स्कूल, जिला परिषद, पंचायत समिति और डाइट में स्थापित टर्मिनल केंद्र पर होगा। इनसे स्टूडेंट्स अपने सब्जेक्ट्स की तैयारी कर सकेंगे।

होंगे विषयों के विशेषज्ञ

कोचिंग क्लासेज में व्याख्यान के लिए विषय विशेषज्ञों का चयन होना है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने स्कूल और कॉलेज शिक्षा निदेशालय से संपर्क किया है। इसके तहत सरकारी स्कूल और कॉलेज, विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग संकाय के कार्यरत और सेवानिवृत्त शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। इनमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी, बॉटनी, गणित, इंजीनियरिंग विषय के शिक्षक/विशेषज्ञ होंगे। विभाग ने इनके पैनल बनाने के लिए आवेदन मांगे गए हैं।

मिलेंगे 3 हजार रुपए

सेटकॉम परियोजना अधिकारी के अनुसार विशेषज्ञों को प्रति विषय एक घंटे व्याख्यान देना होगा। इसके लिए उन्हें प्रति व्याख्यान 3 हजार देय होंगे। राज्य सरकार के नियमानुसार मानदेय भुगतान संशोधित दर के अनुसार होगा। विशेषज्ञों के व्याख्यान सत्र 2017-18 की इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षा तिथि तक होंगे। किसी विशेषज्ञ के तय तिथि पर व्याख्यान नहीं देने पर तीन दिन पहले विभाग को सूचना देनी होगी।

हिंदी में देने होंगे लेक्चर
विशेषज्ञों को विषयों के व्याख्यान एवं नोट्स हिंदी में देने होंगे। तकनीकी सहायता के लिए एनिमेशन, ग्राफिक्स, पावर पॉइन्ट प्रजेंटेशन का इस्तेमाल हो सकेगा। प्रत्येक व्याख्यान के बाद विद्यार्थियों से फीडबैक लिया जाएगा। विद्यार्थियों की सहमति मिलने से विशेषज्ञों के व्याख्यान को जारी रखा जाएगा। फीडबैक में छात्रों की आपत्ति मिलने पर व्याख्यान किसी दूसरे विशेषज्ञ का कराया जाएगा।

 

raktim tiwari Reporting
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